मौत के 30 दिन बाद कब्र से क्यों निकाला गया महिला का शव? SDM के आदेश पर हुआ पोस्टमार्टम
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला का शव उसकी मौत के करीब एक महीने बाद कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया। यह कार्रवाई एसडीएम के आदेश पर की गई।
दरअसल, 15 मार्च को सवाई माधोपुर जिले के शेषा गांव में नाजरान बानो नामक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मौत के बाद माता-पिता और ससुराल वालों की सहमति से बिना पोस्टमार्टम के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया और महिला को कब्र में दफना दिया गया।
मृतक की मां ने मामला दर्ज कराया।
हालांकि, एक अप्रैल को मृतका की मां फरसाना बानो (करमोदा निवासी इलियास खान की पत्नी) ने मलार के डूंगर थाने में अपनी बेटी के पति, सास, ससुर, देवर व ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद मलारना डूंगर एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने महिला के शव को कब्र से बाहर निकाला और चार सदस्यीय मेडिकल बोर्ड से उसका पोस्टमार्टम कराया।
मृत्यु के एक महीने बाद पोस्टमार्टम किया गया।
मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. नरेंद्र सिसोदिया के नेतृत्व में चार सदस्यीय मेडिकल टीम ने मौके पर ही शव का पोस्टमार्टम किया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस उपाधीक्षक एवं जांच अधिकारी उदय सिंह मीना, मलारना डूंगर थानाधिकारी जितेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में कुण्डेरा एवं सवाई माधोपुर से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। जैसे ही यह खबर फैली कि महिला का शव कब्र से निकाला गया है, बड़ी संख्या में ग्रामीण कब्रिस्तान के बाहर एकत्र हो गए। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम के बाद शव को पुनः दफना दिया गया है। अब पुलिस जांच कर मौत के कारणों का पता लगाएगी। पुलिस का कहना है कि अगर महिला की हत्या के सबूत मिलते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतका की मां ने उसके पति, ससुर, सास व अन्य पर दहेज की मांग के चलते हत्या का आरोप लगाया है।