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रणथंभौर में रोमांचक नजारा, वीडियो में देखें लेपर्ड ने चीतल का किया शिकार, पर्यटक रह गए दंग

 

सवाई माधोपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व में एक बेहद रोमांचक दृश्य देखने को मिला, जब एक तेंदुए (लेपर्ड) ने अपने वजन से दोगुने भारी चीतल का सफलतापूर्वक शिकार कर लिया। यह घटना रिजर्व के जोन नंबर 6 में देखने को मिली, जिसने वहां मौजूद पर्यटकों को रोमांच और हैरानी से भर दिया।

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जानकारी के अनुसार, सोलेश्वर तिराहे के पास एक चीतल शांत बैठी हुई थी। इसी दौरान पास की झाड़ियों में पहले से घात लगाए बैठे लेपर्ड ने अचानक तेजी से हमला कर दिया। लेपर्ड ने चीतल को गर्दन से दबोच लिया और उसे काबू में करने की कोशिश शुरू कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लेपर्ड करीब एक मिनट तक चीतल की गर्दन पकड़े रहा। इस दौरान उसने अपने दांत चीतल की गर्दन में गड़ा दिए और लगातार गुर्राता रहा। यह पूरा नजारा इतना अचानक और रोमांचक था कि वहां मौजूद पर्यटक पहले तो इस दृश्य को देखकर चौंक गए और फिर घबराकर सहम भी गए।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, लेपर्ड अपनी तेज रफ्तार, ताकत और शिकार करने की रणनीति के लिए जाना जाता है। वह अक्सर घात लगाकर हमला करता है और अपनी ताकत और फुर्ती से बड़े से बड़े शिकार को भी काबू में कर लेता है। इस घटना में भी लेपर्ड ने अपनी शिकार करने की स्वाभाविक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में इस तरह के दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र होते हैं। यहां आने वाले पर्यटक अक्सर बाघ, तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने के लिए उत्सुक रहते हैं। हालांकि, ऐसे शिकार के दृश्य रोमांचक होने के साथ-साथ प्रकृति के कठोर नियमों की भी याद दिलाते हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस घटना के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया और पर्यटकों को सुरक्षित दूरी से ही यह दृश्य देखने दिया गया। रिजर्व में गाइड और वनकर्मियों की निगरानी में ही सफारी कराई जाती है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि जंगल में जीवन और मृत्यु का संघर्ष कितना स्वाभाविक और अनवरत है। रणथंभौर जैसे अभयारण्यों में ऐसे दृश्य न केवल रोमांच पैदा करते हैं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के महत्व को भी उजागर करते हैं।