रणथम्भौर में पर्यटकों को बाघिन ‘दुर्गा’ और तीन शावकों के दुर्लभ दीदार, शिकार का दृश्य देख रोमांचित हुए सैलानी
सवाईमाधोपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान एक बार फिर वन्यजीव प्रेमियों के लिए रोमांच और उत्साह का केंद्र बन गया। पार्क के जोन नंबर चार में पर्यटकों को प्रसिद्ध बाघिन टी-2307 ‘दुर्गा’ और उसके तीन शावकों के दुर्लभ दर्शन हुए, जिससे सैलानियों का रोमांच चरम पर पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार, सफारी के दौरान पर्यटक उस समय हैरान रह गए जब उन्होंने बाघिन दुर्गा को अपने तीनों शावकों के साथ शिकार का आनंद लेते देखा। यह दृश्य प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचकारी और यादगार साबित हुआ। पर्यटकों ने इसे अपनी सफारी का सबसे खास और दुर्लभ अनुभव बताया।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बाघिन ‘दुर्गा’ इस क्षेत्र की प्रमुख और सक्रिय बाघिनों में से एक है, जो अक्सर अपने शावकों के साथ इस जोन में देखी जाती है। उसकी उपस्थिति से यह क्षेत्र वन्यजीव गतिविधियों के लिहाज से काफी समृद्ध माना जाता है।
इस दुर्लभ दृश्य को देखकर सफारी में आए पर्यटकों ने कैमरों में तस्वीरें और वीडियो कैद किए, जो बाद में सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल होने लगे। पर्यटकों ने कहा कि इस तरह का प्राकृतिक दृश्य जीवन में बहुत कम देखने को मिलता है और यह अनुभव अविस्मरणीय है।
रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की बढ़ती संख्या और नियमित गतिविधियों के कारण यह देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय होता जा रहा है। खासकर बाघिन ‘दुर्गा’ जैसी मादा बाघों के साथ शावकों का व्यवहार देखने के लिए पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं।
वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि सफारी के दौरान वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि जानवरों के प्राकृतिक व्यवहार में कोई बाधा न आए।
फिलहाल, जोन नंबर चार में यह रोमांचक दृश्य पर्यटकों के लिए यादगार बन गया है और एक बार फिर रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान की वन्यजीव संपदा को लेकर उत्साह बढ़ गया है।