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रणथम्भौर में राहुल गांधी ने की टाइगर सफारी, वीडियो में देखें शावकों को देख रोमांचित हुए

 

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों अपनी निजी यात्रा पर राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के रणथंभौर नेशनल पार्क में हैं। शुक्रवार को उन्होंने पार्क का भ्रमण किया और जंगल की खूबसूरती के बीच कुछ शांत पल बिताए। इस सफारी के दौरान राहुल गांधी ने बाघिन टी-84 (एरोहेड) और उसके शावकों की अठखेलियों को न केवल नज़दीक से देखा, बल्कि उन्हें अपने कैमरे में भी कैद किया।

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रणथंभौर, जो भारत के सबसे प्रमुख टाइगर रिज़र्व्स में गिना जाता है, देश-विदेश के पर्यटकों के साथ-साथ सेलिब्रिटी और राजनेताओं के बीच भी खासा लोकप्रिय है। राहुल गांधी पहले भी यहां आ चुके हैं, लेकिन इस बार की उनकी यात्रा पूरी तरह से निजी और प्रकृति से जुड़ने के उद्देश्य से रही।

सुबह की सफारी में वे जोन 2 और 3 के इलाके में घूमते देखे गए, जहां बाघिन एरोहेड अपने शावकों के साथ दिखाई दी। बाघिन की गतिविधियों को उन्होंने बेहद ध्यानपूर्वक देखा और कैमरे से कई तस्वीरें भी लीं। बताया जा रहा है कि वे जंगल की जैव विविधता और वन्य जीवन को लेकर हमेशा से रुचि रखते हैं, और उनकी यह यात्रा उसी लगाव का प्रतीक है।

राहुल गांधी के साथ कुछ स्थानीय वन अधिकारी और गाइड भी मौजूद थे, जिन्होंने उन्हें बाघों के व्यवहार, उनके इलाके और संरक्षण से जुड़ी जानकारियाँ दीं। इस दौरान उन्होंने अन्य वन्य जीवों जैसे नीलगाय, सांभर, मोर और मगरमच्छों को भी देखा।

हालांकि यह यात्रा पूरी तरह से गैर-राजनीतिक और निजी थी, फिर भी उनकी उपस्थिति ने रणथंभौर के क्षेत्र में हलचल जरूर पैदा की। स्थानीय प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए थे, और पार्क के प्रवेश व भ्रमण मार्गों पर सख्ती भी बढ़ाई गई थी।

रणथंभौर की बाघिन टी-84 एरोहेड, जो कि मशहूर बाघिन 'कृष्णा' की संतान है, पार्क की सबसे लोकप्रिय बाघिनों में से एक है। उसके शावकों को इस तरह खुले में देख पाना किसी भी प्रकृति प्रेमी के लिए दुर्लभ और रोमांचक अनुभव होता है, और राहुल गांधी को यह सौभाग्य मिला।

राहुल गांधी की इस यात्रा से यह संदेश भी जाता है कि देश के शीर्ष नेताओं को भी प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता के संरक्षण में रुचि रखनी चाहिए। यह पहल निश्चित रूप से पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के प्रति एक सकारात्मक संकेत है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राहुल गांधी की यह यात्रा एक-दो दिनों तक और चल सकती है, और वह जंगल के अन्य हिस्सों का भी भ्रमण कर सकते हैं। उनकी मौजूदगी से रणथंभौर नेशनल पार्क एक बार फिर चर्चाओं में है।