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रणथम्भौर में बाघ की एंट्री से चौथ परिक्रमा रोकी गई, वीडियो में देंखे श्रद्धालु 1.5 घंटे तक रास्ते में रुके

 

राजस्थान के प्रसिद्ध रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बुधवार को उस समय स्थिति बदल गई जब एक बाघ के अचानक परिक्रमा मार्ग पर आ जाने से चौथ परिक्रमा को करीब डेढ़ घंटे तक रोकना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर ही रुक गए और माहौल में उत्साह व आश्चर्य दोनों देखने को मिला। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह लगभग 9 बजे रणथम्भौर में गणेश परिक्रमा मार्ग पर बाघ की मौजूदगी की सूचना सामने आई। बताया जा रहा है कि टाइगर “टी-20” झाड़ियों के बीच परिक्रमा मार्ग के पास दिखाई दिया, जिसके बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही तत्काल रोक दी गई।

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सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा को देखते हुए पूरे मार्ग को बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने से रोकते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रुकने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि रणथम्भौर में हर महीने चौथ के अवसर पर जोगी महल गेट से त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक लगभग दो किलोमीटर लंबी चौथ परिक्रमा निकाली जाती है। यह परिक्रमा घने जंगल के बीच से होकर गुजरती है, जो इसे धार्मिक और रोमांच दोनों दृष्टि से विशेष बनाती है।

सामान्य दिनों में जोगी महल गेट से यह मार्ग बंद रहता है, लेकिन चौथ के अवसर पर इसे श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इसी दौरान बुधवार को परिक्रमा शुरू हुई थी, लेकिन बाघ की मौजूदगी के कारण स्थिति बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही श्रद्धालु जोगी महल गेट से आगे बढ़े, तभी जंगल की झाड़ियों में बाघ दिखाई दिया। उसे देखते ही लोग रुक गए और कुछ श्रद्धालु इस दृश्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करने लगे। करीब डेढ़ घंटे तक परिक्रमा मार्ग पर आवाजाही बंद रही, जिससे श्रद्धालुओं की भीड़ भी एक जगह जमा हो गई। हालांकि, वन विभाग की सतर्कता के चलते किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई।

बाद में स्थिति सामान्य होने पर मार्ग को फिर से खोल दिया गया और परिक्रमा आगे बढ़ाई गई। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल क्षेत्र में सावधानी बरतें और किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तुरंत प्रशासन को सूचना दें।कुल मिलाकर, रणथम्भौर की यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि यह क्षेत्र न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी है, जहां इंसान और जंगल का सह-अस्तित्व बेहद सावधानी की मांग करता है।