निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे कृषि मंत्री, बिल्डिंग की स्थिति देख भड़के
जिले के ठींगला क्षेत्र में निर्माणाधीन राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) का हाल देखकर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना का पारा चढ़ गया। मंत्री हाल ही में कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे थे और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और बिल्डिंग की स्थिति का जायजा लिया।
सूत्रों के अनुसार, मंत्री ने सबसे पहले कॉलेज की दीवारों, प्लास्टर और अन्य निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि कई दीवारों में प्लास्टर ठीक तरह से नहीं लगाया गया था और निर्माण कार्य अधूरा और घटिया गुणवत्ता का प्रतीत हो रहा था। इस पर मंत्री ने ठोस प्रतिक्रिया व्यक्त की और निर्माण एजेंसी से कड़े सवाल किए।
मंत्री ने कहा कि एक राजकीय मेडिकल कॉलेज को बनाने में उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। मंत्री ने निर्माण एजेंसी को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने मंत्री को आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य को मानक के अनुसार और समय पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में निर्माण में कुछ तकनीकी और आपूर्ति संबंधी देरी हुई है, जिसे जल्द ही दूर कर दिया जाएगा।
सवाईमाधोपुर जिले में इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण लंबे समय से चल रहा है। यह कॉलेज क्षेत्र में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होने वाला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण समय पर और सही गुणवत्ता में होना चाहिए, ताकि छात्रों और मरीजों को कोई समस्या न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता और निगरानी सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि निर्माण में कमी या घटिया सामग्री का उपयोग किया गया तो यह न केवल छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि सरकारी धन का भी दुरुपयोग है।
मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि यह निर्माण की समीक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने का संकेत देता है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह समय पर निर्माण कार्य पूरा करें और गुणवत्ता पर कोई समझौता न करें।