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रणथम्भौर में गूंजी नई किलकारी: बाघिन रिद्धी ने दिया शावक को जन्म, वीडियो में देंखे टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर 77 हुई

 

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए शनिवार सुबह एक सुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध बाघिन टी-124 रिद्धी ने एक शावक को जन्म दिया है। नए शावक के आगमन से रणथम्भौर में एक बार फिर किलकारियां गूंज उठी हैं और वन्यजीव प्रेमियों में खुशी का माहौल है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघिन रिद्धी को हाल ही में नाल घाटी वन क्षेत्र में अपने नवजात शावक के साथ देखा गया है। विभाग की नियमित गश्त और निगरानी के दौरान बाघिन और उसके शावक की मौजूदगी दर्ज की गई है।

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नाल घाटी क्षेत्र में दिखी बाघिन

वन विभाग की मॉनिटरिंग टीम को बाघिन टी-124 रिद्धी अपने शावक के साथ सुरक्षित अवस्था में नजर आई। अधिकारियों का कहना है कि मां और शावक दोनों स्वस्थ हैं तथा उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है ताकि शावक को किसी प्रकार का खतरा न हो और उसका विकास सुरक्षित वातावरण में हो सके।

2023 में भी दिए थे तीन शावक

Bengal Tiger रिद्धी पहले भी सफल मातृत्व का उदाहरण पेश कर चुकी है। वर्ष 2023 में उसने तीन शावकों को जन्म दिया था। अब एक और शावक के जन्म के साथ रणथम्भौर में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सफल प्रजनन रणथम्भौर के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र और बेहतर संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक संकेत है।

बाघों की संख्या बढ़कर 77 पहुंची

नए शावक के जन्म के बाद Ranthambore Tiger Reserve में बाघ, बाघिन और शावकों की कुल संख्या बढ़कर 77 हो गई है।

वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में:

  • 25 वयस्क बाघ
  • 23 बाघिन
  • 29 शावक

मौजूद हैं।

यह आंकड़ा देश के प्रमुख टाइगर रिजर्वों में रणथम्भौर की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक परिणाम

वन अधिकारियों का कहना है कि लगातार गश्त, तकनीकी निगरानी, शिकार विरोधी अभियान और वन्यजीव संरक्षण के प्रभावी उपायों के कारण रणथम्भौर में बाघों की संख्या स्थिर रूप से बढ़ रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार नए शावकों का जन्म केवल संख्या बढ़ने का संकेत नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि रिजर्व का प्राकृतिक आवास बाघों के प्रजनन और संरक्षण के लिए अनुकूल बना हुआ है।

वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह

रिद्धी के शावक को लेकर वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों में खास उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बाघिन और उसके शावक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अनावश्यक गतिविधि से बचें।

रणथम्भौर में नए शावक के आगमन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संरक्षण के प्रभावी प्रयासों से वन्यजीवों के सुरक्षित भविष्य की राह मजबूत की जा सकती है। यह खबर न केवल राजस्थान बल्कि देशभर के वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशी और गर्व का विषय बन गई है।