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Ranchi रिम्स में रोटेशन खत्म, सीनियर प्रोफेसर ही अब बनेंगे एचओडी, निदेशक ने एम्स और एनएमसी के नियमों के विरुद्ध जूनियर को बना दिया था एचओडी
 

 


झारखण्ड न्यूज़ डेस्क,  रिम्स के विभागों में अब रोटेशन के आधार पर एचओडी नहीं बनाए जा सकेंगे. सीनियर प्रोफेसर ही एचओडी बनेंगे. झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायाधीश आनंदा सेन की खंडपीठ ने रिम्स प्रबंधन की ओर से रोटेशनल एचओडी को लेकर 10 मई 2022 को दायर एलपीए  सुनवाई के बाद खारिज कर दी.

नेशनल मेडिकल काउंसिल और एम्स नई दिल्ली के प्रावधानों के अनुरूप रिम्स में अब पूर्व की तरह विभिन्न विभागों के सीनियर मोस्ट प्रोफेसर ही एचओडी बनेंगे.
नियम विरुद्ध जूनियर को बना दिया गया एचओडी 31 दिसंबर 2021 को रिम्स गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष सह स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने गुड गवर्नेंस का हवाला देते हुए रोटेशन के आधार पर रिम्स के 26 विभागों में से 13 विभागों के एचओडी को बदल दिया था. इसमें सीनियर को हटाकर जूनियर को एचओडी बनाया गया, लेकिन मंत्री के आदेश में यूरोलॉजी एवं रेडियोथेरेपी में असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी एचओडी बना दिया गया था. जिसे बाद में फिर सुधारा गया. इसके बाद जनवरी 2022 में रिम्स निदेशक की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर 11 विभागों के एचओडी रोटेशन के आधार पर बदले गए. जिसमें पांच विभाग माइक्रोबायोलॉजी, पेडियाट्रिक सर्जरी, कार्डियोलॉजी, रेडियोलॉजी और अर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के एचओडी सीनियर प्रोफेसर को हटाकर जूनियर एसोसिएट प्रोफेसर को बना दिया गया.
चार विभागों के एचओडी ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती
नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) और एम्स नई दिल्ली के प्रावधान के अनुसार सीनियर मोस्ट प्रोफेसर को ही एचओडी बनाया जा सकता है. रिम्स निदेशक के आदेश को चार विभाग (पेडियाट्रिक सर्जरी, माइक्रोबायोलॉजी, कार्डियोलॉजी और रेडियोलॉजी) के तत्कालीन एचओडी ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने रिम्स प्रबंधन के फैसले को गलत बताते हुए पूर्व की व्यवस्था बहाल करने का आदेश दिया. इसके बाद रिम्स प्रबंधन ने मई 2022 को हाईकोर्ट में एलपीए दायर किया. जिसे  खारिज कर दिया गया.
स्वास्थ्य विभाग ने भी पल्ला झाड़ा
इस मामले की सुनवाई में स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लिखकर दिया गया था कि विभाग का स्पष्ट मानना है कि प्रोफेसर ही एचओडी होने चाहिए. इसी मुद्दे को लेकर विभाग ने रिम्स निदेशक को शोकॉज भी किया था. रिम्स निदेशक ने खुद मार्च 2021 में कार्यालय आदेश जारी कर स्पष्ट किया था कि प्रत्येक विभाग में पूर्णकालिक प्रोफेसर के रैंक का एक विभाग प्रमुख होगा. जिसका विभाग पर समग्र नियंत्रण होगा. इसी आधार पर उन्होंने छह विभागों में एचओडी की जिम्मेवारी दूसरे विभागों के प्रोफेसर को दिया था. जबकि, उन्होंने जनवरी 22 में आदेश जारी कर पांच विभागों में प्रोफेसर को हटाकर एसोसिएट प्रोफेसर को एचओडी बना दिया.

राँची न्यूज़ डेस्क !!!