Nalnda भू-सर्वेक्षण कर जमीन का बन रहा स्थायी रिकॉर्ड, बकाश्त मालिक भूमि का लगान तय कराएं रैयत
बिहार न्यूज़ डेस्क भूसर्वेक्षण के माध्यम से जमीन का स्थाई रिकॉर्ड नए तरीके से तैयार किया जा रहा है. इसमें लगे कानूनगो, कैंप प्रभारी व अन्य कर्मी नियमों के तहत ही सारे काम करें. अपने मतलब से या किसी के दबाव में कोई भी गलत काम कभी भी न करें. लापरवाही करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बिहारशरीफ टाउन हॉल में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कार्यशाला में कहा कि कई जगहों से टाल मटोल की शिकायतें आ रही है. तय समय पर मामलों का निपटारा करें. कागजात व मालिकाना हक से संबंधित सारी जानकारी लेकर व जांच परख के बाद ही उनके नाम से ब्योरा दर्ज होनी चाहिए. अगर किसी के पास कोई कागाजात न हो और उसके दखल कब्जा में न हो, तो वैसे जमीन को सरकार के नाम कर दें. डीएम ने कहा भू-सर्वेक्षण अत्यंत गंभीर प्रकृति का काम है. इसमें थोड़ी सी लापरवाही विवाद का कारण बन सकता है. अगर कहीं कोई समस्या हो, तो वरीय अधिकारियों से मार्ग दर्शिका मांगें. सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी रवींद्र भारती ने कहा कि रैयतों को सूचित कर उनसे कागजात मांगें. उसकी पुष्टि भी करें. जांच परख के बाद ही जमीन की सूची तैयार करें.
बकाश्त मालिक भूमि यानि वैसी जमीन जिसे जमींदार ने दी थी. लेकिन, उसपर लगान तय नहीं हो सका था. ऐसे भूमि का लगान संबंधित रैयत भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता से करवा लें.ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने को कहा.
मौके पर प्रभारी बंदोबस्त पदाधिकारी सह एडीएम मंजीत कुमार, जिला राजस्व शाखा प्रभारी अनिल कुमार, अक्षयवट्ट तिवारी, राहुल रंजन, अमृता गौतम, सोनु कुमार, अमृता कुमारी व अन्य मौजूद थे.
नालंदा न्यूज़ डेस्क