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Nalnda चिंता हीमोग्लोबिन जांच को मिली स्ट्रिप का कोड गड़बड़, नहीं चालू हो रही मशीन

 
 

बिहार न्यूज़ डेस्क एनीमिया मुक्त अभियान के तहत जांच के लिए आया हीमोग्लोबिन जांच मीटर काम नहीं कर रहा है. कई प्रखंडों में इसमें स्ट्रिप की गड़बड़ी की बात सामने आई है. पारू प्रखंड में हीमोग्लोबिन जांच मीटर के काम नहीं करने पर एएनएम इसे विभाग को लौटा रही हैं. हर प्रखंड को 25-25 सौ हीमोग्लोबिन मीटर दिए गए थे. इनमें 500-500 पीएचसी को और 2000 आरबीएसके टीम को दिए गए थे. विभाग से जुड़े लोगों ने बताया कि करीब 40 प्रतिशत स्ट्रिप के कोड नहीं मिल रहे हैं. एएनएम का कहना है कि जिस कोड नंबर का हीमोग्लोबिन जांच मीटर है उस नंबर की स्ट्रिप नहीं है जिससे यह मशीन स्टार्ट नहीं हो पा रही है. मशीन और स्ट्रिप का कोड एक होना चाहिए. मशीन नहीं स्टार्ट होने से यह शोपीस बन गई है. मामले में सीएस डॉ. ज्ञान शंकर ने बताया कि उनके पास शिकायत नहीं आई है. वह सभी प्रखंडों से हीमोग्लोबिन मीटर की जानकारी मांगेंगे. पारू सीएचसी के स्वास्थ्य प्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि स्ट्रिप का कोड गड़बड़ होने के कारण हीमोग्लोबिन मीटर नहीं चल रहा है. इसे बदलकर नई मशीन आएगी.
अभियान में सबसे निचले स्थान पर मुजफ्फरपुर


अभियान में मुजफ्फरपुर सबसे निचले पायदान पर है. पूरे बिहार में इसकी रैंकिंग 38 है. अभियान को लेकर 17  को जारी रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है. पिछले दिनों अभियान की समीक्षा बैठक में डीएम ने इस मशीन से अधिक से अधिक जांच करने का निर्देश दिया था.
हैदराबाद की कंपनी से खरीदी गई है जांच मशीन
हीमोग्लोबिन जांच मीटर हैदराबाद की निजी कंपनी से खरीदी गई है. राज्य स्वास्थ्य विभाग ने ही इसकी खरीद की है. पटना से मशीन सभी जिलों में भेजी गई है. पीएचसी के अलावा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी मशीन दी गई है. सभी जगह एएनएम व सीएचओ को मशीन से आयरन की जांच करनी है.
अभियान में सबसे निचले स्थान पर मुजफ्फरपुर
अभियान में मुजफ्फरपुर जिला सबसे निचले पायदान पर है. पूरे बिहार में इसकी रैंकिंग 38 है. अभियान को लेकर 17  को जारी रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है. पिछले दिनों एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक में डीएम ने इस मशीन से अधिक से अधिक जांच करने का निर्देश दिया था.

नालंदा  न्यूज़ डेस्क