×

Nalnda टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर दूसरे चरण की फोरलेनिंग का हुआ टेंडर,पटना से राजगीर की दूरी हो जाएगी महज 77 किमी
 

 

बिहार न्यूज़ डेस्क टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर. यानि, पटना से राजगीर का शॉटेस्ट रोड. इसके दूसरे चरण में सालेपुर से राजगीर बाईपास को ग्रीनफिल्ड फोरलेनिंग बनाने का टेंडर जारी कर दिया गया है. चंडी प्रखंड के सालेपुर से राजगीर की दूरी 28 किलोमीटर हो जाएगी. इसके फोरलेन बनाने पर अनुमानित 490 करोड़ रुपये खर्च होंगे. हालांकि, यह खर्च बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है.

यह पथ सालेपुर से अहियापुर व सिलाव होते हुए राजगीर बाईपास पहुंचेगा. डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर अंडरपास बनाने की योजना है. जबकि, इस सड़क को ट्रैफिकलेस बनाने के लिए 70 नई संरचनाओं का निर्माण किया जाना है. 15 मीटर कालीकरण के अलावा एक मीटर डिवाइडर तो दोनों छोरों पर डेढ़-डेढ़ मीटर फ्लैग होगा. इसे सुपर हाईवे का रूप दिया जाना है. पांच नवंबर से टेंडर डालने के लिए डॉक्यूमेंट्स डाउनलोड किया जा सकेगा. जबकि, 11 नवंबर को प्री-बिड मीटिंग होगी. पहली दिसंबर तक टेंडर डाला जा सकेगा. तीन दिसंबर तक ड्राफ्ट ठेकेदार जमा करा सकेंगे.
पहले चरण का काम चल रहा पहले चरण में पटना-बख्तियारपुर (एनएच-31) के जगदम्बा स्थान (करौटा) से सालेपुर तक की सड़क को टू-लेन बनाने का काम करीब सालभर से चल रहा है. इसे भी फोरलेन बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है. फोरलेन के लिए सर्वे हो चुका है. हरनौत, चंडी व बख्तियारपुर अंचलों के कई गांवों की 75 एकड़ जमीन ली जाएगी. तेलमर व ईंट कारखाना के बीच स्थित दोनों बड़े पुलों को चौड़ा बनाया जाना है. सालेपुर से गुजरने वाला सरमेरा-बिहटा रोड को क्रॉस करने के लिए अंडरपास बनाया जाएगा.

नालंदा  न्यूज़ डेस्क