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नागौर का ईनाणियां गांव, एक्सक्लूसिव वीडियो में देंखे होली पर पूरी पंचायत इकट्ठा होकर लेती है फैसले

 

राजस्थान के नागौर जिले में स्थित ईनाणियां गांव अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है। इस गांव में हर साल होली के अवसर पर पूरा गांव इकट्ठा होता है और सामाजिक सरोकार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं। यहां बुजुर्गों की अगुवाई में निर्णय प्रक्रिया होती है, लेकिन इस फैसले में केवल पंच ही शामिल नहीं होते, बल्कि पूरा गांव मिलकर चर्चा करके अंतिम निर्णय करता है।

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ईनाणियां गांव नागौर से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित है और मूंडवा पंचायत समिति में आता है। इस गांव की आबादी करीब 11 हजार है, जिनमें से लगभग साढ़े सात हजार लोग वोटर हैं। इस होली पर गांव में पंचायत चुनाव और शराब से जुड़े दो बड़े फैसले लेने की तैयारी की जा रही है।

गांव की इस परंपरा का असर यह हुआ है कि ईनाणियां में सालों से डीजे, शराब और आतिशबाजी पर पाबंदी है। गांव के लोग मानते हैं कि इस तरह के नियम से सामाजिक सद्भाव और शांति बनी रहती है।

एक और खास बात यह है कि यहां के लोग अपने नाम के साथ जाति की जगह गांव का नाम ‘ईनाणियां’ लगाते हैं। यह परंपरा स्थानीय समुदाय की एकता और गांव के प्रति सम्मान को दर्शाती है।

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि होली पर यह परंपरा सालों से चली आ रही है। गांव के सभी सदस्य पंचायत में खुले मन से चर्चा करते हैं और फैसलों पर सहमति बनने तक बहस जारी रहती है। फैसले लेने का यह तरीका न केवल पारंपरिक है, बल्कि यह गांव में लोकतांत्रिक चेतना और समुदायिक जिम्मेदारी को भी बढ़ावा देता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईनाणियां गांव जैसी परंपराएं समाज में सकारात्मक सामाजिक व्यवहार और अनुशासन का संदेश देती हैं। शराब और डीजे जैसे विवादित मुद्दों पर पूरे गांव द्वारा लिए गए फैसले समाज में सामूहिक निर्णय और सुरक्षा की भावना को मजबूत करते हैं।

गांव में होली का महत्त्व केवल रंग और मस्ती तक सीमित नहीं है। यहां यह पर्व सामाजिक और प्रशासनिक परंपराओं के लिए अवसर भी बन जाता है। पूरे गांव की भागीदारी सुनिश्चित करती है कि फैसले सभी के हित में और न्यायसंगत हों।

ईनाणियां की इस परंपरा ने पूरे क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव छोड़ा है। आसपास के गांव भी इस परंपरा की प्रशंसा करते हैं और इसे अपनी संस्कृति का उदाहरण मानते हैं।

इस तरह, नागौर का ईनाणियां गांव न केवल होली उत्सव के लिए बल्कि सामाजिक निर्णय और समुदायिक सहभागिता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां की परंपरा यह दिखाती है कि गांव की एकता और समझदारी के साथ बड़े फैसले लेना संभव है, और यह आधुनिक समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बन सकती है।