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लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण पर गरमाई बहस, वीडियो में देंखे हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर साधा निशाना

 

संसद में संविधान संशोधन और परिसीमन विधेयकों पर हुई चर्चा के दौरान नागौर से सांसद Hanuman Beniwal ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इन प्रस्तावों को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि लोकतंत्र में सभी वर्गों के हितों का संतुलन जरूरी है।चर्चा के दौरान बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) महिला आरक्षण का समर्थन करती है और महिलाओं को राजनीतिक रूप से उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने इसे अपनी पार्टी की विचारधारा का अहम हिस्सा बताया।

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हालांकि, उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई। बेनीवाल का कहना है कि यदि परिसीमन बिना व्यापक सहमति और संतुलन के किया जाता है, तो इसका असर दलित, आदिवासी, ओबीसी और मुस्लिम समुदायों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ सकता है, जो उचित नहीं होगा।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर रही है और महत्वपूर्ण विधेयकों को जल्दबाजी में आगे बढ़ाया जा रहा है। बेनीवाल ने कहा कि लोकतंत्र केवल संख्याओं का खेल नहीं है, बल्कि यह विश्वास और सभी वर्गों की भागीदारी पर आधारित व्यवस्था है, जिसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

सांसद ने यह भी कहा कि जातिगत जनगणना के बाद सरकार से यह अपेक्षा थी कि वह सभी राजनीतिक दलों और राज्यों से चर्चा करके ठोस नीति बनाती, लेकिन इसके बजाय बिना पर्याप्त संवाद के विधेयकों को संसद में लाया गया।इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक माहौल और अधिक गरम हो गया और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच बहस तेज होती नजर आई। परिसीमन और आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विभिन्न दलों की अलग-अलग राय सामने आने से यह विषय और जटिल होता जा रहा है। फिलहाल संसद में इस पर चर्चा जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।