नागौर में 10 टन विस्फोटक बरामदगी मामला: जांच NIA को सौंपी गई, केंद्रीय एजेंसियों की एंट्री से हड़कंप
राजस्थान के नागौर जिले में पुलिस द्वारा बरामद किए गए 10 टन अवैध विस्फोटक के मामले में अब केंद्रीय एजेंसी की एंट्री हो गई है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद इस पूरे प्रकरण की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है।
यह मामला थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव का है, जहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की थी। बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध विस्फोटक की बरामदगी राजस्थान में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
घटना के बाद शुरुआती स्तर पर NIA और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने भी मामले की पड़ताल शुरू कर दी थी। अब आधिकारिक तौर पर केस NIA को ट्रांसफर कर दिया गया है, जिससे जांच का दायरा और गहराई बढ़ने की संभावना है।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी ब मात्रा में विस्फोटक कहां से लाया गया, इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर भी देखा जा रहा है। फिलहाल NIA की टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर दस्तावेज और सबूतों की समीक्षा करेगी। इस कार्रवाई के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।