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Motihari सक्षमता उत्तीर्ण शिक्षकों की पुन शुरू हुई काउंसिलिंग

 

बिहार न्यूज़ डेस्क मिठौली स्थित डीआरसीसी परिसर में  से पहले फेज के छूटे ही सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों के काउंसिलिंग का काम शुरू हुआ. काउंसिलिंग के दौरान शिक्षकों के आधारकार्ड सहित सभी शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच की जानी है. शिक्षकों की काउंसिलिंग के पहले दिन समय से पहले ही सक्षमता परीक्षा पास शिक्षक पहुंचने लगे थे.

से अधिक शिक्षकों के शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों के साथ आधारकार्ड सहित अन्य कागजात की जांच की गयी. वैसे शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पचास की संख्या में स्लोट जारी किया गया है.तीन सौ नियोजित शिक्षकों की रिकाउंसिलिंग जानकारी देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी जावेद आलम ने कहा है कि पहले फेज के छूटे हुए सक्षमता पास शिक्षकों की काउंसिलिंग 30 दिसंबर तक ली जाएगी. सक्षमता पास शिक्षकों की काउंसिलिंग के स्लॉट का निर्धारण कर दिया गया है. शिक्षकों की काउंसिलिंग के लिए छह स्लॉट बनाये गये हैं. प्रत्येक स्लॉट में हर दिन 50 सक्षमता पास शिक्षकों की काउंसिलिंग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मी शिक्षकों के काउंसिलिंग के काम को सफलतापूर्वक सपन्न कराने में जुटे दिखे. डीपीएम सतीश कुमार ने कहा है शांतिपूर्ण वातावरण में शिक्षकों की काउंसिलिंग की जा रही है. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुई शिक्षकों की काउंसिलिंग के दौरान जिनके प्रमाण पत्रों सहित अन्य कागजात में त्रुटि पायी गयी थी उनके लिए विभाग ने एक और अवसर दिया है. शिक्षा विभाग ने चेतावनी देते हुए बताया है कि काउंसलिंग में शामिल नही होने वाले शिक्षकों पर कारवाई की जायेगी.

यांत्रीकरण को बढ़ावा देना समय की मांग

प्रखंड प्रमुख रविता तिवारी ने कहा कि मौसम के बदलते परिवेश में कृषि की नवीनतम तकनीको व यांत्रीकरण को बढ़ावा समय की मांग है. वे गुरूवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन के सभागार में रबी महोत्सव के तहत प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण सह उपादान वितरण समारोह को संबोंधित कर रही थी. किसानों की सहभागिता और बढ़ाने पर बल दिया. कृषि विज्ञान केन्द्र, बिरौली की एसएमएस भारती उपाध्याय ने कहा कि जीरो टिलेज तकनीक व उच्च क्यारी विधि को बढ़ावा देने की जरूरत है.

यह कृषि की लागत कम करने के साथ लाभकारी बनाने में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने समूह बनाकर खेती करने पर बल देते हुए कहा कि जीरो टिलेज तकनीक विधि से की गई खेती करने पर जुताई, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण की लागत में कमी के साथ खेतों में धान के अवशेषो से जैविक कार्बन व सूक्ष्म जीवाणु की संख्या में बढ़ोतरी होती है. जो फसल के लिए लाभदायक होता है. प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार ने कहा कि पशुपालण कर रहे किसान भी अब केसीसी का लाभ ले सकते हैं. उन्होंने पशुओं में ईअर टैग लगाने पर जोर दिया. संचालन करते हुए कृषि समन्वयक डॉ. अवध पटेल ने सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पंचायतो में अब किसान चौपाल आयोजित होगा. इस दौरान आत्मा अध्यक्ष महेश कुमार, मुखिया राजीव कुमार पंकज, राजद प्रखंड अध्यक्ष मनोज राय आदि ने संबोधित किया. धन्यवाद बीएओ शेखर कुमार मधुकर ने किया. मौके पर बीडीओ रविश कुमार रवि, पंसस दिनेश कुमार, प्रेमा देवी, माले सचिव अमित कुमार, कृषि समन्वयक आदित्य पाण्डेय, मनोज कुमार, जगरनाथ चौधरी आदि मौजूद थे.

 

मोतिहारी  न्यूज़ डेस्क