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Kullu में बिना बर्फ ठंड का टॉर्चर…जम गए नदी-नाले

 

कुल्लू न्यूज़ डेस्क ।। दिसंबर का आधा महीना बीतने को है लेकिन मनाली और आसपास के इलाकों में अभी तक पर्याप्त बर्फबारी नहीं हुई है। जिसके कारण घाटी में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि, हाल ही में मौसम बदला और लाहौल-स्पीति, मनाली, अटल टनल के दोनों छोर, रोहतांग, धुंधी, सोलंगना व आसपास के क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई। जिससे घाटी में चल रहे सूखे से लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन इसके बाद अचानक ठंड भी बढ़ गई है। मनाली में सुबह-शाम तापमान में गिरावट देखी जा रही है। रोहतांग कोक्सर समेत मनाली के ऊपरी इलाकों में तापमान शून्य से नीचे पहुंचने के कारण नदियों और नहरों में बहने वाला पानी भी जमने लगा है। घाटी के लोगों का कहना है कि दिसंबर महीना खत्म होने वाला है लेकिन घाटी में अभी तक पर्याप्त बर्फबारी नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हल्की बर्फबारी हुई है, जिससे यहां के लोगों को लंबे समय से चल रहे सूखे से बेशक राहत मिली है, लेकिन शीतलहर जारी है। उनका कहना है कि घाटी में बर्फबारी न होने से शुष्क ठंड लगातार बढ़ रही है, जिससे नदी-नालों में पानी जमने लगा है और सर्दी-खांसी के मामले भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि घाटी में इतनी ठंड है कि पीने के पानी के नल भी जमने लगे हैं। रात में तापमान अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच रहा है तथा दिन में तापमान में मामूली वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले घाटी में नवंबर माह में ही भारी बर्फबारी होती थी। लेकिन अब दिसंबर का आधा महीना बीत चुका है। लेकिन अभी तक बहुत कम बर्फबारी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर घाटी में बर्फबारी होगी तो शुष्क ठंड भी कम हो जाएगी। -एचडीएम

दफ्तरों में हीटर, घरों में तंदूर

यहां सूरज ढलते ही कड़ाके की ठंड जारी रहती है। दिन के अंत में हमें लाहौल-स्पीति सहित मनाली में तंदूर का सहारा लेना पड़ेगा। निचले इलाकों में भी लोग दिनभर हीटर के सहारे दफ्तरों में काम करने को मजबूर हैं। ठंड इतनी अधिक है कि निचले इलाकों में सुबह-शाम और ऊंचे इलाकों में नालियों का पानी जमने लगा है।