शिक्षक भर्ती लेवल-2 परीक्षा शुरू, उपस्थिति रही 90 प्रतिशत से अधिक, वीडियो में देखें कोटा में हिजाब को लेकर छात्रा को एंट्री नहीं मिलने पर विवाद
राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा के तहत आज से लेवल-2 की परीक्षा शुरू हो गई। परीक्षा को लेकर प्रदेशभर में सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पहले दिन परीक्षा दो पारियों में आयोजित हुई, जिसमें अभ्यर्थियों की उपस्थिति संतोषजनक रही। सुबह की पारी में 90.53 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे, जबकि दूसरी पारी में 88.08 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। फोटो पहचान पत्र, एडमिट कार्ड और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही प्रवेश दिया गया। इसी बीच कोटा से एक मामला सामने आया, जिसने परीक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।
कोटा में दूसरी पारी की परीक्षा के दौरान हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा को एंट्री नहीं देने का आरोप लगाया गया है। छात्रा ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर अपनी आपबीती साझा की है। छात्रा का कहना है कि उसके सभी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरे हो चुके थे, लेकिन सिर्फ हिजाब पहनने के कारण उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।
पीड़ित छात्रा की पहचान अलीशा के रूप में हुई है, जो बूंदी जिले से परीक्षा देने कोटा आई थी। अलीशा का परीक्षा केंद्र महावीर नगर विस्तार योजना स्थित तिलक सीनियर सेकेंडरी स्कूल था। छात्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उसने परीक्षा की पूरी तैयारी की थी, लेकिन अंतिम समय में उसे परीक्षा से वंचित कर दिया गया, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हुई है।
वहीं प्रशासन की ओर से इस मामले पर सफाई भी दी गई है। कोटा एडीएम प्रशासन वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि यह घटना दूसरी पारी की परीक्षा से जुड़ी है। उनके अनुसार, परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा चेहरे पर दुपट्टा बांधकर पहुंची थी। केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने परीक्षा नियमों के तहत छात्रा से चेहरा ढकने वाला दुपट्टा हटाने को कहा था, ताकि पहचान सत्यापन किया जा सके।
एडीएम का कहना है कि छात्रा ने कर्मचारियों के कहने के बावजूद दुपट्टा नहीं हटाया, जिसके कारण उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। प्रशासन का दावा है कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य है और सभी अभ्यर्थियों के लिए एक समान दिशा-निर्देश लागू हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि परीक्षा नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। शिक्षा और प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थितियों में स्पष्ट गाइडलाइंस और संवेदनशील रवैया बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय की भावना न बने।
फिलहाल शिक्षक भर्ती लेवल-2 परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी केंद्रों पर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं हिजाब से जुड़े मामले को लेकर तथ्यात्मक जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।