कोटा में चाइनीज मांझे से हादसा, रीट परीक्षा देने गई छात्रा गंभीर रूप से घायल
राजस्थान में चाइनीज मांझे से होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल जारी है, जिससे सड़क पर गुजरने वाले लोगों की जान लगातार खतरे में है। ऐसा ही एक नया हादसा कोटा में हुआ, जहाँ रीट परीक्षा देने गई एक छात्रा चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार, छात्रा परीक्षा केंद्र की ओर जा रही थी, तभी सड़क पर हवा में फैला चाइनीज मांझा उसकी गर्दन और हाथ के पास से गुजरा। गंभीर चोट लगने के कारण उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि छात्रा की स्थिति गंभीर है, लेकिन उसका जीवन अब खतरे से बाहर है।
स्थानीय लोग और राहगीरों का कहना है कि शहर की सड़कों और गलियों में चाइनीज मांझे का इस्तेमाल आम बात बन गई है। तेज हवा और खुली जगह में ये मांझे अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। कई बार बच्चों, बाइक सवारों और पैदल चल रहे नागरिकों की जान तक खतरे में पड़ जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चाइनीज मांझा केवल एक खेल का सामान नहीं है, बल्कि यह उच्च जोखिम वाला उपकरण है। इसके धागे में अक्सर कांच या अन्य धारदार सामग्री लगी होती है, जो हवा में फैलते ही गंभीर चोट का कारण बनती है। इसके बावजूद प्रतिबंध के बावजूद इसका अवैध इस्तेमाल कम नहीं हो रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर में इस पर सख्ती से नजर रखी जा रही है, लेकिन लोगों की लापरवाही और खुले बाजार में इसकी उपलब्धता हादसों को रोकने में बाधा डालती है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को जागरूक करना और सख्त कार्रवाई करना दोनों ही आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चाइनीज मांझे का इस्तेमाल जीवन के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने अभिभावकों, छात्रों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बच्चों को यह समझाएं कि हवा में उड़ते मांझे से दूर रहें। इसके साथ ही, पुलिस और प्रशासन को इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करना होगा।
इस हादसे ने फिर से यह स्पष्ट कर दिया है कि चाइनीज मांझे पर रोक के बावजूद अवैध रूप से इसका उपयोग जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल जागरूकता और शिक्षा ही लोगों की जान बचा सकती है। प्रशासन और नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही इस तरह के हादसों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
राजस्थान के कई शहरों में, विशेषकर त्योहारों और मौसम के हिसाब से चाइनीज मांझे का खतरा और बढ़ जाता है। कोटा में हुई इस घटना ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि सावधानी और कड़े कानून के बिना मासूम और युवाओं की जान हमेशा जोखिम में रहेगी।
इस प्रकार, रीट परीक्षा देने गई छात्रा की चोट ने लोगों को यह याद दिला दिया है कि चाइनीज मांझे की वजह से होने वाले हादसे केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि जीवन के लिए गंभीर खतरा हैं।