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कोटा के शिवपुरी धाम के महंत सनातनपुरी महाराज का निधन, वीडियो में देंखे श्रद्धालुओं में शोक की लहर

 

कोटा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शिवपुरी धाम के महंत सनातनपुरी महाराज का निधन हो गया है। पिछले दस दिनों से जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

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रविवार देर रात उन्हें कोटा वापस लाया गया, जहां उन्होंने आश्रम में अंतिम सांस ली। इस खबर के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवपुरी धाम पहुंच रहे हैं और उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

आश्रम के सेवादार आकाश ने बताया कि महाराज जी कुछ समय से अस्वस्थ थे। उन्हें लिवर और किडनी संबंधी गंभीर समस्याएं थीं, जिसके चलते उनका इलाज जयपुर के निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

डॉक्टरों की निगरानी में जब महाराज को कोटा लाया गया, तो आश्रम पहुंचते ही उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय श्रद्धालु और अनुयायी उनकी जयंती और स्मृति में विशेष पूजा और कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।

शिवपुरी धाम के महंत सनातनपुरी महाराज का जीवन सेवा और धार्मिक शिक्षाओं में समर्पित रहा। वे अपने अनुयायियों के लिए मार्गदर्शक और आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रसिद्ध थे। उनके नेतृत्व में आश्रम ने कई सामाजिक और धार्मिक कार्यों को अंजाम दिया।

श्रद्धालुओं ने बताया कि महाराज जी का जीवन अनुशासन, साधना और सेवा का प्रतीक रहा। उनके निधन से न केवल कोटा, बल्कि आसपास के जिलों में भी शोक की लहर फैल गई है। कई लोग उनके दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए आश्रम की ओर बढ़ रहे हैं।

आश्रम प्रशासन ने शोक संतप्त परिवार और अनुयायियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लें। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी सक्रिय हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे धार्मिक नेताओं का जीवन समाज और अनुयायियों के लिए प्रेरणास्त्रोत होता है। उनके निधन के बाद उनके अनुयायियों के बीच आध्यात्मिक और धार्मिक शिक्षा जारी रखने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

निष्कर्षतः, कोटा के शिवपुरी धाम के महंत सनातनपुरी महाराज का निधन एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक घटना है। उनका योगदान धार्मिक शिक्षाओं, सेवा कार्यों और समाज के कल्याण में अमूल्य रहा। उनके निधन से श्रद्धालु और अनुयायी गहरे शोक में हैं, और उनके स्मरण में आगामी दिनों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।