कोटा के 1.5 लाख लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, 732 हेक्टेयर क्षेत्र घड़ियाल अभ्यारण्य से मुक्त
कोटा के 1.5 लाख से अधिक लोगों के लिए प्रशासनिक और विकास की दिशा में बड़ी खुशखबरी है। हैंगिंग ब्रिज से कोटा बैराज तक फैले 732 हेक्टेयर इलाके को घड़ियाल अभ्यारण्य से मुक्त कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब शिवपुरा, सकतपुरा और किशोरपुरा में लंबे समय से अटका पट्टा वितरण प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है और लोगों को सरकारी भूमि के पट्टे मिल सकेंगे।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय लंबे समय से प्रतीक्षित था। इलाके में वर्षों से विकास कार्यों में बाधा बनी थी क्योंकि यह क्षेत्र घड़ियाल अभ्यारण्य के दायरे में शामिल था। घड़ियाल अभ्यारण्य से मुक्त होने के बाद न केवल पट्टे मिलने की प्रक्रिया सुचारू होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आवासीय और कृषि योजनाओं का कार्य भी तेज़ी से शुरू हो सकेगा।
इस बदलाव का लाभ मुख्य रूप से शिवपुरा, सकतपुरा और किशोरपुरा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा। अधिकारीयों का कहना है कि अब इन क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के तहत नए आवासीय और कृषि पट्टे आवंटित किए जा सकेंगे। इससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा और लंबे समय से अटके विकास कार्यों को गति मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से उन्हें पट्टे मिलने का इंतजार था और प्रशासन की यह पहल उनकी उम्मीदों पर खरी उतरी है। कई लोग लंबे समय से भूमि अधिकारों को लेकर परेशान थे और अब उन्हें यह अधिकार मिलने से आर्थिक और सामाजिक स्थिरता हासिल होगी।
राज्य प्रशासन ने बताया कि भूमि मुक्त क्षेत्र में सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में घड़ियाल और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मुक्त भूमि का विकास किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से कोटा जिले में भू-राजस्व और भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी। पट्टों के वितरण और भूमि संबंधी दस्तावेजों की प्रक्रिया अब अधिक प्रभावी और समयबद्ध होगी। इसके साथ ही लोगों में प्रशासन पर भरोसा और बढ़ेगा।
शहरी और ग्रामीण विकास योजनाओं में तेजी आने की संभावना है। अधिकारीयों ने बताया कि इस क्षेत्र में नए आवासीय प्रकल्प, सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। पट्टे मिलने के बाद लोग अपने आवास, कृषि और व्यवसायिक योजनाओं को लागू कर सकेंगे।
स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे भूमि पट्टे की प्रक्रिया के लिए निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि पट्टे वितरण में पारदर्शिता और सही दस्तावेजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।