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कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूता महिलाओं की हालत बिगड़ने का मामला, वीडियो में जाने 2 और मरीजों को किडनी फेल होने पर शिफ्ट; प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई

 

राजस्थान के Kota स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में प्रसूता महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में दो और महिलाओं की हालत खराब होने के बाद उन्हें किडनी फेल होने की स्थिति में प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।यह मामला सिजेरियन डिलीवरी के बाद सामने आई जटिलताओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें पहले ही दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य मरीजों में किडनी संबंधी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 8 मई की रात करीब 10 बजे जिला कलेक्टर और एडीएम सिटी ने प्राइवेट अस्पताल पहुंचकर भर्ती महिलाओं की स्थिति का जायजा लिया और चिकित्सकों से विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने उपचार व्यवस्था और मरीजों की स्थिति की समीक्षा की।इसी बीच अस्पताल प्रशासन ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई चिकित्सकीय और नर्सिंग स्टाफ पर कदम उठाए हैं। ऑपरेटिंग सर्जन असिस्टेंट प्रोफेसर (गायनेकोलॉजी) डॉक्टर श्रद्धा की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके साथ ही इमरजेंसी ओटी के ऑफिसर इंचार्ज एसोसिएट प्रोफेसर (सर्जरी) डॉक्टर नवनीत शर्मा, ऑपरेशन थिएटर की सिस्टर इंचार्ज गुरजीत कौर और लेबर रूम की सिस्टर इंचार्ज निमेश वर्मा को निलंबित कर दिया गया है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच और गंभीर लापरवाही के आरोपों के आधार पर की गई है। हालांकि विस्तृत जांच अभी जारी है और पूरे मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है।लगातार सामने आ रही मौतों और मरीजों की बिगड़ती हालत के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए लगाया गया है, जो यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मामला दवाओं, संक्रमण या किसी अन्य चिकित्सकीय कारण से जुड़ा है।

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल अस्पताल में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और प्रभावित मरीजों का इलाज अलग-अलग चिकित्सा केंद्रों में जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।