×

कोटा में ACB की बड़ी कार्रवाई: एक्सक्लूसिव वीडियो में देंखे पुलिस कॉन्स्टेबल 7 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, थाने में मचा हड़कंप

 

राजस्थान के कोटा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग में तैनात एक कॉन्स्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल हरिओम को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया, जिससे पूरे थाने में हड़कंप मच गया।

शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/hXhV20KeVoM?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/hXhV20KeVoM/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

जानकारी के अनुसार, कॉन्स्टेबल हरिओम की ड्यूटी उद्योग नगर थाने में चेतक ड्राइवर के रूप में लगी हुई थी। उस पर आरोप है कि वह एक मामले में समझौता कराने, कार्रवाई रोकने और केस को रफा-दफा करने के नाम पर शिकायतकर्ता से लगातार पैसे की मांग कर रहा था। आरोपी ने पहले ही 5 हजार रुपये ले लिए थे और इसके बाद शेष राशि के रूप में 15 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले की निगरानी शुरू की और ट्रैप की योजना तैयार की।

थाने में ही पकड़ा गया कॉन्स्टेबल

एसीबी की टीम ने गुरुवार रात करीब साढ़े 10 बजे उद्योग नगर थाने में ही कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही कॉन्स्टेबल ने 7 हजार रुपये की दूसरी किस्त ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया।अचानक हुई इस कार्रवाई से थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

झूठे मामले में राहत देने का था आरोप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कॉन्स्टेबल हरिओम पर आरोप है कि वह एक झूठे मामले में राहत दिलाने और पुलिस कार्रवाई से बचाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि दबाव बनाकर पैसे वसूले जा रहे थे।

15 दिन में तीसरी बड़ी कार्रवाई

यह कार्रवाई कोटा एसीबी के लिए पिछले 15 दिनों में तीसरी बड़ी सफलता मानी जा रही है। लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों ने सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आगे की जांच जारी

फिलहाल आरोपी कॉन्स्टेबल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या यह अकेले कॉन्स्टेबल की भूमिका थी।इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में एक बार फिर भ्रष्टाचार को लेकर बहस तेज हो गई है और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है।