कोटा से चल रहा था नाबालिग लड़कियों की तस्करी का नेटवर्क! रंग-रूप और हाइट के हिसाब से तय होती थी कीमत
राजस्थान के कोटा से संचालित एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से नाबालिग लड़कियों की तस्करी की जा रही थी। गिरोह लड़कियों के रंग-रूप, कद (हाइट) और उम्र के आधार पर उनकी कीमत तय करता था और फिर उन्हें विभिन्न राज्यों में भेज दिया जाता था।
पुलिस की जांच में इस नेटवर्क के काम करने के तरीके को लेकर कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं।
डेढ़ से दो लाख रुपये में होता था सौदा
जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरोह में शामिल महिलाएं कथित तौर पर लड़कियों की तस्वीरें और अन्य जानकारी ग्राहकों तक पहुंचाती थीं। लड़कियां पसंद आने पर उनका सौदा डेढ़ लाख से दो लाख रुपये तक में तय किया जाता था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह की कुछ महिला सदस्य खरीदारों और दलालों के बीच संपर्क का काम करती थीं। सौदा तय होने के बाद लड़कियों को दूसरे राज्यों में भेज दिया जाता था।
आर्थिक मजबूरी का उठाया जाता था फायदा
पुलिस के अनुसार, गिरोह गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता था। कई मामलों में बेहतर नौकरी, अच्छी परवरिश या शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़कियों को उनके परिवारों से दूर ले जाया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ परिवारों को आर्थिक मदद का लालच देकर लड़कियों को गिरोह के हवाले कराया जाता था।
उत्तर प्रदेश से जुड़े तार
मामले की जांच में उत्तर प्रदेश से इस नेटवर्क के संबंध सामने आए हैं। पुलिस विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ मिलकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितनी लड़कियों को इसका शिकार बनाया गया।
कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में
पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह में शामिल दलालों, खरीदारों और अन्य सहयोगियों की पहचान की जा रही है।
जांच एजेंसियां मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं।
मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि यह केवल मानव तस्करी का मामला नहीं, बल्कि नाबालिग लड़कियों के शोषण से जुड़ा गंभीर अपराध है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित लड़कियों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है और उन्हें आवश्यक कानूनी व मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
समाज के लिए चेतावनी
इस मामले ने एक बार फिर मानव तस्करी के बढ़ते खतरे को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को नौकरी, शादी या बेहतर भविष्य के नाम पर दिए जाने वाले झूठे प्रलोभनों से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।