करौली जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद कैदी की मौत, प्रशासन में हड़कंप
राजस्थान के करौली शहर के जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद एक कैदी की उपचार के दौरान मौत होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान असलम उर्फ कालू लुहार (40 वर्ष), पुत्र बाबू खान, निवासी पुरानी सब्जी मंडी, भूड़ारा बाजार, करौली के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, असलम को स्वास्थ्य जांच और उपचार के लिए कारागार में चिकित्सीय देखरेख में रखा गया था। उपचार के दौरान अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें बचाने के प्रयास के बावजूद उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही कारागार प्रशासन में सख्त सुरक्षा और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटीय जांच का आदेश दिया। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैदी की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या किसी लापरवाही या बाहरी कारक का प्रभाव रहा। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की मेडिकल रिपोर्ट और चिकित्सकीय प्रक्रिया की पूरी समीक्षा की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और उन्होंने कहा कि कारागार में अन्य कैदियों और कर्मचारियों से बयान भी लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही, कैदी की मौत से जुड़ी सभी रिकॉर्डिंग और दस्तावेज़ को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायिक हिरासत में कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल प्राथमिकता होनी चाहिए। इस तरह की घटनाएं प्रशासन और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों और परिवार वालों में भी इस घटना को लेकर चिंता और आक्रोश देखने को मिला। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी पारदर्शिता और विधिक प्रक्रियाओं के तहत की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला अधिकारी ने बताया कि असलम उर्फ कालू लुहार की मौत के बाद कारागार में स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी। यह कदम भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद करेगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि कैदियों की देखभाल और उपचार प्रक्रिया पर निगरानी कितनी महत्वपूर्ण है। न्यायिक हिरासत में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
करौली जिला प्रशासन ने जनता और मीडिया से अपील की है कि जांच पूरी होने तक कोई अफवाह या अटकलें न फैलाएं। उन्होंने कहा कि जांच के निष्कर्ष के बाद ही सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।