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वसुंधरा राजे बोलीं- पद का इंतजार मत करो, वीडियो में देंखे बाहर निकलो और संघर्ष करो; बच्चों को दी अपनी पहचान बनाने की सीख

 

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जोधपुर के एक निजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अपने दम पर पहचान बनाने और संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी पद या अवसर के मिलने का इंतजार करने के बजाय खुद आगे बढ़कर अपनी जगह बनानी चाहिए। राजे ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के लिए जरूरी है कि व्यक्ति समस्याओं को पहचाने, उनके समाधान के लिए प्रयास करे और अपनी अलग पहचान बनाए।पूर्व मुख्यमंत्री शहर के एक निजी स्कूल में आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN) कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। यहां विद्यार्थियों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और बहस में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में वोटिंग की न्यूनतम उम्र 18 से घटाकर 16 साल करने और क्लाइमेट चेंज जैसे विषयों पर भी डिबेट हुई।

'पद के लिए इंतजार मत करो, संघर्ष करो'

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कार्यक्रम के दौरान वसुंधरा राजे ने अपने संबोधन में कहा कि किसी छोटे या बड़े पद के मिलने का इंतजार करने के बजाय लोगों को अपने दम पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें तो कोई पद नहीं मिला। कोई छोटा सा पद ही दिलवा दीजिए। बिना पद के क्या करेंगे। पद के लिए इंतजार मत करो। बाहर निकलो और संघर्ष करो।"राजे ने विद्यार्थियों को समझाया कि पहचान बनाने के लिए किसी औपचारिक पद का होना जरूरी नहीं है। व्यक्ति अपने काम, विचा और समाज के लिए किए गए प्रयासों से भी अपनी जगह बना सकता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अवसरों का इंतजार करने के बजाय उन्हें हासिल करने की कोशिश करें।

अमृता देवी और नंदकिशोर चौधरी के उदाहरण दिए

अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री ने अमृता देवी और नंदकिशोर चौधरी के उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि अमृता देवी का कोई ऑफिस नहीं था, जबकि नंदकिशोर चौधरी ने दो कमरों से अपना काम शुरू किया था। दोनों के उदाहरण देते हुए राजे ने बताया कि किसी काम को आगे बढ़ाने के लिए शुरुआत में बड़े संसाधनों या पद की जरूरत नहीं होती।उन्होंने कहा कि इन लोगों ने समस्याओं को पहचाना और उनके समाधान के लिए प्रयास शुरू किए। राजे ने विद्यार्थियों को भी इसी तरह सोचने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आने की प्रेरणा दी।

वोटिंग की उम्र और क्लाइमेट चेंज पर हुई बहस

स्कूल में आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशंस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार रखे। वोटिंग के अधिकार की उम्र 18 साल से घटाकर 16 साल करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन यानी क्लाइमेट चेंज के मुद्दे पर भी विद्यार्थियों ने बहस की।ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक सोच, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और विभिन्न विषयों को समझने की योग्यता विकसित करना है।

राजे ने विद्यार्थियों की तारीफ की

वसुंधरा राजे ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों के प्रदर्शन और उनके विचारों की सराहना की। उन्होंने बच्चों को आगे बढ़ने, अपने विचार स्पष्ट रूप से रखने और समाज से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।राजे का संदेश था कि सफलता के लिए पद या पहचान मिलने का इंतजार करने के बजाय खुद पहल करनी चाहिए। अपने प्रयासों और संघर्ष के जरिए ही व्यक्ति समाज में अपनी अलग जगह बना सकता है।