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जोधपुर में मोबाइल फटने की घटना से हड़कंप, वीडियो में जाने भीषण गर्मी में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर बढ़ा खतरा

 

Jodhpur में भीषण गर्मी के बीच एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक किराना व्यापारी की पैंट की जेब में रखा मोबाइल अचानक फट गया। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।जानकारी के अनुसार, मोबाइल अचानक तेज गर्म होकर बम जैसी आवाज के साथ ब्लास्ट हो गया, जिससे व्यापारी घायल हो गया। शुरुआती तौर पर इसे अत्यधिक गर्मी और बैटरी में आई तकनीकी खराबी से जुड़ा मामला माना जा रहा है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल ज्यादातर मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां सामान्य रूप से लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तक ठीक से काम करती हैं। लेकिन जब तापमान इससे अधिक हो जाता है, तो बैटरी पर दबाव बढ़ने लगता है और उसका सिस्टम प्रभावित होने लगता है।गर्मी बढ़ने पर बैटरी के अंदर मौजूद रासायनिक प्रक्रिया तेज हो जाती है, जिससे बैटरी फूलने (swelling) लगती है। इसके साथ ही फोन का तापमान बढ़ने पर डिवाइस की परफॉर्मेंस भी प्रभावित होती है और कई बार सिस्टम हैंग या बंद भी हो सकता है।

तकनीकी विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि अधिक गर्मी और चार्जिंग के दौरान फोन के अंदरूनी हिस्सों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे कभी-कभी शॉर्ट सर्किट की स्थिति बन जाती है। ऐसी स्थिति में बैटरी फटने या डिवाइस ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है।हालांकि विशेषज्ञ यह स्पष्ट करते हैं कि मोबाइल में रेडिएशन को लेकर जो सामान्य धारणा है, वह ब्लास्ट का सीधा कारण नहीं होता, बल्कि मुख्य वजह ओवरहीटिंग, खराब बैटरी या लोकल मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट होती है।

इस घटना के बाद लोगों से अपील की जा रही है कि वे अत्यधिक गर्मी में मोबाइल को सीधी धूप में न रखें, चार्जिंग के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी तरह की हीटिंग या बैटरी फुलने जैसी समस्या दिखने पर तुरंत डिवाइस का उपयोग बंद कर दें।फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बढ़ते तापमान के बीच इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सुरक्षित उपयोग कितना जरूरी हो गया है।