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जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में बड़ी लापरवाही, फुटेज में देंखे प्रसूता को चढ़ाया गलत ब्लड, एक जैसे नाम और पति के नाम से हुई गड़बड़ी

 

राजस्थान के जोधपुर स्थित उम्मेद अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक प्रसूता को कथित तौर पर गलत ब्लड चढ़ा दिया गया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दो महिला मरीजों और उनके पतियों के नाम एक जैसे होने के कारण यह गंभीर चूक हुई।घटना के बाद पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, पूरे मामले पर उम्मेद अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।

प्रसव के बाद किया गया था रेफर

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जानकारी के अनुसार, जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी गांव निवासी धापू भील (24) का 11 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे सामान्य प्रसव हुआ था। प्रसव के बाद खून की कमी (एनीमिया) और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्हें सुबह करीब 11 बजे उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया।परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती करने के बाद उनका उपचार शुरू किया गया और उसी दिन उन्हें रक्त चढ़ाया गया।

एक जैसे नाम बने लापरवाही की वजह

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती दो महिला मरीजों का नाम एक जैसा था। इतना ही नहीं, दोनों महिलाओं के पतियों के नाम भी समान थे। इसी कारण पहचान में भ्रम की स्थिति बनी और कथित तौर पर एक मरीज के लिए निर्धारित ब्लड दूसरे मरीज को चढ़ा दिया गया।बताया जा रहा है कि एक महिला का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव था, जबकि दूसरी मरीज का ब्लड ग्रुप अलग था। इसी गड़बड़ी के चलते गलत ब्लड चढ़ाए जाने की आशंका जताई जा रही है।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

प्रसूता की सास पप्पू देवी ने बताया कि उनकी बहू की सामान्य डिलीवरी के बाद उसे खून की कमी होने पर उम्मेद अस्पताल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि 11 जुलाई को उनकी बहू को ओ पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत को लेकर चिंता बढ़ गई।परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी बहू की जान खतरे में पड़ सकती थी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

अस्पताल प्रशासन ने साधी चुप्पी

मामला सामने आने के बाद उम्मेद अस्पताल प्रशासन ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ब्लड चढ़ाने की प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

जांच की मांग तेज

यह मामला सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की पहचान की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन से पहले मरीज की पहचान और ब्लड ग्रुप का कई स्तरों पर सत्यापन किया जाता है। ऐसे में यदि गलत ब्लड चढ़ाया गया है, तो यह अत्यंत गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।फिलहाल, परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग से भी इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।