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जोधपुर सेन्ट्रल जेल में अवैध वसूली के आरोप, बंदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया

 

जोधपुर सेन्ट्रल जेल एक बार फिर सुर्खियों में है। जेल में बलात्कार और धोखाधड़ी के मामलों में बंद एक युवक ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक ने जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत, जेलर हनवंत सिंह और एक मुख्य प्रहरी पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है।

युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके दावा किया कि जेल में पैसे देने पर बंदियों को विशेष सुविधाएं दी जाती हैं और कुछ बंदियों के पास मोबाइल फोन भी मौजूद हैं। वीडियो में उसने बताया कि यदि कोई बंदी पैसे देता है तो उसे अन्य बंदियों की तुलना में अधिक सुविधा और आराम मिलता है।

जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत ने इन आरोपों को झूठा और निराधार करार दिया है। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन सख्त नियमों और कानूनों के तहत संचालन कर रहा है और किसी प्रकार की अवैध वसूली या मोबाइल के उपयोग की अनुमति नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी बंदियों को बराबरी की सुविधाएं दी जाती हैं, और आरोप लगाने वाला बंदी व्यक्तिगत स्वार्थ और ध्यान आकर्षित करने के लिए वीडियो वायरल कर रहा है।

विशेषज्ञों और जेल अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में सत्यापन के लिए उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता होती है ताकि किसी भी तरह का वास्तविक दोष उजागर किया जा सके।

इस घटना के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा इस मामले की जांच कराने की संभावना जताई जा रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि क्या वीडियो में दिखाए गए आरोपों में कोई सच्चाई है या नहीं।

जोधपुर सेन्ट्रल जेल में इस प्रकार की घटना जनसामान्य और मीडिया में चर्चा का विषय बन गई है, और यह सवाल उठाती है कि कैसे बंदियों के अधिकारों और जेल संचालन के नियमों के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।