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जोधपुर में प्रसूता की मौत से बढ़ी चिंता, डिलीवरी के बाद नहीं रुका खून; वीडियो में जाने किडनी फेल होने से गई जान

 

राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के मामलों के बीच अब जोधपुर से भी एक दुखद घटना सामने आई है। कोटा, बीकानेर और बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी एक प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला ने 24 जून को तिंवरी अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। करीब एक महीने तक विभिन्न अस्पतालों में इलाज के बाद रविवार देर रात उसकी मौत हो गई।

24 जून को हुई थी सामान्य डिलीवरी

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जानकारी के अनुसार, महिला समू की 24 जून को तिंवरी अस्पताल में सामान्य (नॉर्मल) डिलीवरी हुई थी। प्रसव के दौरान उसने एक बच्ची को जन्म दिया। हालांकि, डिलीवरी के बाद उसका रक्तस्राव बंद नहीं हुआ, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे तुरंत जोधपुर के उम्मेद अस्पताल रेफर कर दिया।

उम्मेद अस्पताल में चला चार दिन इलाज

महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह ने बताया कि जब महिला को उम्मेद अस्पताल लाया गया, तब तक उसके शरीर से काफी मात्रा में खून बह चुका था। लगातार रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी।डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन बच्चेदानी (गर्भाशय) से लगातार खून बहने के कारण उसकी बच्चेदानी निकालनी पड़ी।

ब्लड और प्लाज्मा चढ़ाया, फिर भी बिगड़ती रही हालत

इलाज के दौरान महिला को बड़ी मात्रा में ब्लड, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स चढ़ाए गए। इसके बावजूद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण शरीर के कई अंग प्रभावित हो गए।डॉक्टरों के मुताबिक, खून की भारी कमी के चलते उसकी किडनी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद उसे लगातार डायलिसिस पर रखना पड़ा।

महात्मा गांधी अस्पताल में वेंटिलेटर पर थी भर्ती

चार दिन तक उम्मेद अस्पताल में इलाज के बाद महिला को 27 जून को महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया। यहां उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और नियमित डायलिसिस किया जा रहा था।कुछ दिनों तक उसकी स्थिति स्थिर रही, लेकिन 14 जुलाई से उसकी तबीयत फिर तेजी से बिगड़ने लगी। लगातार प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके और रविवार देर रात उसकी मौत हो गई।

प्रसूता की मौतों को लेकर बढ़ी चिंता

राजस्थान में हाल के दिनों में प्रसूताओं की मौत के कई मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जोधपुर की इस घटना ने भी मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और प्रसव के बाद समय पर उपचार की व्यवस्था पर चर्चा तेज कर दी है।फिलहाल चिकित्सकीय स्तर पर मामले की समीक्षा की जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला को बचाने के लिए सभी आवश्यक उपचार उपलब्ध कराए गए, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और उससे उत्पन्न जटिलताओं के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।