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जोधपुर में ट्रैफिक जाम से राहत की बड़ी पहल, JDA बनाएगा दो नए अंडरपास

 

राजस्थान के जोधपुर शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम की समस्या से राहत देने के लिए एक बड़ी आधारभूत परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। जोधपुर में पहली बार जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा दो नए अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इस निर्णय को शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दोनों अंडरपास का निर्माण उन प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर किया जाएगा जहां दिनभर भारी यातायात दबाव बना रहता है। खासकर कार्यालय समय और बाजार खुलने-बंद होने के दौरान इन क्षेत्रों में लंबे जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

JDA अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित अंडरपास परियोजना का उद्देश्य ट्रैफिक को निर्बाध रूप से संचालित करना और शहर के भीतर वाहनों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाना है। इन अंडरपास के बनने से मुख्य मार्गों पर सिग्नल-फ्री मूवमेंट संभव हो सकेगा, जिससे समय की बचत के साथ-साथ ईंधन की खपत और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।

शहर में पिछले कुछ वर्षों में जनसंख्या और वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके चलते मौजूदा सड़क ढांचा कई जगहों पर दबाव में आ गया है। विशेष रूप से मुख्य बाजार, स्कूल-कॉलेज क्षेत्रों और व्यावसायिक केंद्रों के आसपास ट्रैफिक जाम एक आम समस्या बन चुका है। ऐसे में अंडरपास परियोजना को एक दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, परियोजना के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण कार्य पूरा किया जा चुका है और जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के अनुसार पूरा किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या संरचनात्मक समस्या न आए।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंडरपास बनने के बाद शहर के ट्रैफिक पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे न केवल भीड़भाड़ कम होगी बल्कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की आवाजाही भी तेज हो सकेगी।

स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से शहर में ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या बना हुआ था, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती थी। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस कर्मचारियों को अक्सर देरी का सामना करना पड़ता था।

अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में शहर में ट्रैफिक सुधार के लिए और भी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं लाई जा सकती हैं, जिनमें फ्लाईओवर और बाईपास विस्तार जैसी योजनाएं शामिल हैं।

फिलहाल इस परियोजना को जोधपुर की शहरी यातायात व्यवस्था में एक बड़ा सुधारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में शहरवासियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।