जोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद 20 मकान खाली, वीडियो में जाने घरों में नहीं लौट पा रहे लोग; केमिकल की तेज गंध से दहशत
जोधपुर के बासनी इलाके में SR हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में लगी आग के दौरान केमिकल से भरे ड्रमों में हुए धमाकों के बाद आसपास के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हादसे में फायर ब्रिगेड के 14 कर्मचारी झुलस गए थे। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लोगों को भी अपने घर खाली करने पड़े। कई परिवार रात अपने रिश्तेदारों के यहां बिताने को मजबूर हुए।गुरुवार सुबह कुछ लोग हालात देखने के लिए अपने घरों पर वापस लौटे, लेकिन आसपास के इलाके में केमिकल की तेज गंध के कारण उन्हें दोबारा वहां से जाना पड़ा। लोगों का कहना है कि घरों के आसपास खड़े रहना भी मुश्किल हो रहा है। इसके चलते कई परिवारों को फिर से रिश्तेदारों के यहां भेज दिया गया।
हादसे के बाद फैक्ट्री के आसपास करीब 20 मकानों को खाली करवाया गया है। आग और धमाकों का असर आसपास के मकानों पर भी दिखाई दे रहा है। फैक्ट्री से सटे कुछ घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री की आरसीसी छत का एक हिस्सा भी टूटकर नीचे गिर गया।आग के दौरान केमिकल से भरे ड्रमों में एक के बाद एक धमाके होने से मौके पर मौजूद दमकलकर्मियों को भी खतरे का सामना करना पड़ा। हादसे में फायर ब्रिगेड के 14 कर्मचारी झुलस गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
इलाके में रहने वाले लोग घटना के बाद से डरे हुए हैं। करीब 10 साल से कॉलोनी में रह रहे घेवराम ने बताया कि आग लगने के बाद सभी घरों को खाली करवा दिया गया। लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरी जगह जाने के लिए कहा गया। घेवराम के परिवार में 12 लोग हैं। उन्होंने बताया कि वह परिवार के सभी सदस्यों को लेकर शोभावतों की ढाणी स्थित रिश्तेदार के घर चले गए थे और रात वहीं बिताई।घेवराम के मुताबिक गुरुवार सुबह घर लौटने की कोशिश की गई, लेकिन आसपास के वातावरण में केमिकल की गंध इतनी ज्यादा थी कि घर के पास रुकना मुश्किल हो गया। इसके बाद परिवार को फिर रिश्तेदार के यहां भेजना पड़ा।
स्थानीय लोगों की चिंता केवल केमिकल की गंध तक सीमित नहीं है। फैक्ट्री के आसपास बने मकानों में दरारें आने से लोग अपने घरों की सुरक्षा को लेकर भी परेशान हैं। लोगों का कहना है कि जब तक इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक घरों में रहना मुश्किल है।फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग हादसे के बाद की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आसपास के मकानों को खाली करवाकर लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इलाके से केमिकल की गंध खत्म होने और मकानों की सुरक्षा की जांच के बाद ही उन्हें दोबारा सामान्य रूप से घरों में रहने की अनुमति मिल सकेगी।