खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स की ऐतिहासिक स्मेल्टर चिमनी को बचाने की मांग तेज, सीएम को भेजा ज्ञापन
जिले के खेतड़ी नगर स्थित ऐतिहासिक खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स की स्मेल्टर चिमनी को संरक्षित करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इस मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता रमेश कुमार पांडे ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चिमनी को क्षेत्र की पहचान और महत्वपूर्ण औद्योगिक विरासत बताते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स न केवल झुंझुनूं जिले बल्कि पूरे राजस्थान के औद्योगिक इतिहास का एक अहम हिस्सा रहा है। यहां की स्मेल्टर चिमनी वर्षों से इस क्षेत्र की पहचान बनी हुई है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते रहे हैं। ऐसे में यदि इस ऐतिहासिक संरचना को नुकसान पहुंचता है या इसे हटाया जाता है, तो यह क्षेत्र की सांस्कृतिक और औद्योगिक विरासत के लिए बड़ी क्षति होगी।
रमेश कुमार पांडे ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि देश के कई हिस्सों में पुरानी औद्योगिक संरचनाओं को संरक्षित कर उन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। इसी तरह खेतड़ी की इस चिमनी को भी हेरिटेज साइट के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे न केवल इतिहास संरक्षित रहेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
स्थानीय लोगों में भी इस मुद्दे को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कई नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस मांग का समर्थन किया है और प्रशासन से अपील की है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
बताया जा रहा है कि चिमनी की वर्तमान स्थिति को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं, जिसके चलते इसके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में संरक्षण की मांग और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई, तो एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धरोहर हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। वहीं, सरकार यदि इसे संरक्षित करने की दिशा में कदम उठाती है, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रतीक के रूप में सुरक्षित रह सकेगी।
फिलहाल, इस पूरे मामले में अब सबकी नजर मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और क्या खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स की यह ऐतिहासिक चिमनी संरक्षित रह पाएगी या नहीं।