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SBI पर उपभोक्ता आयोग सख्त, वीडियो में जाने अवैध वसूली के मामले में 55 हजार रुपए का जुर्माना

 

झुंझुनूं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पर लोन प्री-क्लोजर के दौरान उपभोक्ता से अतिरिक्त राशि वसूलने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने बैंक पर 55 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है और साथ ही 25 हजार रुपए उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का आदेश दिया है।

मामला SBI की सीकर शाखा से जुड़ा है, जहां एक उपभोक्ता से लोन प्री-क्लोजर के समय निर्धारित राशि से 14,978 रुपए अधिक वसूल लिए गए थे। शिकायत की सुनवाई के बाद आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित वसूली मानते हुए बैंक को अतिरिक्त वसूली गई रकम ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए हैं।

ब्याज सहित लौटानी होगी अतिरिक्त राशि

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आयोग ने अपने आदेश में कहा कि बैंक द्वारा उपभोक्ता से वसूली गई अतिरिक्त 14,978 रुपए की राशि को ब्याज सहित वापस किया जाए। साथ ही उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी और आर्थिक नुकसान को देखते हुए बैंक पर जुर्माना भी लगाया गया है।

कर्मचारियों की सैलरी से वसूली कर सकता है बैंक

आयोग ने अपने फैसले में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि बैंक प्रबंधन चाहे तो उपभोक्ता को दिए जाने वाले मुआवजे और जुर्माने की राशि उन अधिकारियों या कर्मचारियों के वेतन से वसूल सकता है, जिनकी लापरवाही या गलती के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।

उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

आयोग ने स्पष्ट किया कि वित्तीय संस्थानों को ग्राहकों से शुल्क और अन्य देय राशि वसूलते समय पूरी पारदर्शिता और नियमों का पालन करना चाहिए। किसी भी प्रकार की अतिरिक्त या अवैध वसूली उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानी जाएगी।

बैंकिंग सेवाओं के लिए अहम संदेश

उपभोक्ता आयोग का यह फैसला बैंकिंग क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि यदि किसी ग्राहक से नियमों के विपरीत अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता है, तो संबंधित संस्था को न केवल राशि लौटानी पड़ सकती है, बल्कि जुर्माना और मुआवजा भी देना पड़ सकता है। यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और वित्तीय संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।