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जालोर में नरसाणा के गांव वालों ने बनाया करोड़ों का स्कूल, वीडियो में देखें अगले महीने होगा उद्घाटन, बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा

 

गांव के बच्चों के लिए शिक्षा की बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जालोर जिले के नरसाणा गांव में ग्रामीणों ने एक भव्य स्कूल का निर्माण किया है। यह कदम इस बात का उदाहरण है कि जब सरकारी संसाधन बाधित हों, तो सामूहिक प्रयास से भी बड़े काम किए जा सकते हैं।

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ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव के स्कूल भवन छोटा पड़ने लगा था। इसके कारण बच्चों को बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी, जबकि स्कूल में बाथरूम जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं थीं। समय के साथ छात्रों की संख्या बढ़ती गई, लेकिन सरकार की ओर से जमीन तो दी गई, लेकिन बजट अटक जाने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ था।

इस चुनौती को देखते हुए गांव की सरपंच के ससुर और ग्रामीणों ने मिलकर निर्णय लिया कि वे अपने दम पर स्कूल बनाएंगे। इसके लिए उन्होंने पूर्व छात्रों, प्रवासी नागरिकों और गांववासियों से करीब 4.50 करोड़ रुपए चंदा इकट्ठा किया। यह राशि ग्रामीणों और पुराने विद्यार्थियों की सामूहिक पहल का परिणाम थी।

इस प्रयास के तहत नरसाणा गांव में साढ़े चार साल में 21 कमरे और इंडोर स्टेडियम के साथ यह सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनकर तैयार हुआ है। स्कूल में आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ-साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह बनाई गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस स्कूल का निर्माण सिर्फ इमारत बनाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रेरक वातावरण प्रदान करना है, जिससे उनकी शिक्षा और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

स्कूल का उद्घाटन फरवरी में होने की संभावना है। इस अवसर पर जिले और राज्य के अधिकारी, शिक्षक और ग्रामीण शामिल होंगे। उद्घाटन के बाद गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षण और खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें शहरों की तरह आधुनिक शिक्षा प्रणाली का लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि नरसाणा गांव का यह उदाहरण ग्रामीण शिक्षा और समुदाय आधारित विकास के लिए प्रेरणादायक है। जब सरकारी पहल धीमी या अधूरी हो, तब स्थानीय समुदाय का सक्रिय योगदान बच्चों की शिक्षा में बड़ा बदलाव ला सकता है।

ग्रामीणों ने कहा कि यह स्कूल केवल भवन नहीं है, बल्कि यह समुदाय की एकता, संकल्प और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे बच्चों के लिए तकनीकी और डिजिटल शिक्षा के साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस भव्य स्कूल की सफलता से यह संदेश जाता है कि शिक्षा और विकास के लिए सामूहिक प्रयास सबसे प्रभावी हथियार हो सकते हैं। नरसाणा गांव के इस स्कूल से आसपास के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को भी सुधारित और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध होगी।