जालोर मांडोली हत्याकांड का खुलासा: महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, डेढ़ साल बाद सुलझी गुत्थी
राजस्थान के जालोर जिले में बहुचर्चित गणपत सिंह मांडोली हत्याकांड का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। करीब डेढ़ साल से अनसुलझे इस ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस केस को लेकर लंबे समय से परिजन और समाज आंदोलन कर रहे थे।
अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग बना हत्या का कारण
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे अवैध संबंध और उससे जुड़ी ब्लैकमेलिंग का विवाद मुख्य वजह था। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने साजिश रचकर गणपत सिंह की हत्या कर दी।
डेढ़ साल बाद सुलझा ‘ब्लाइंड मर्डर’
यह मामला अगस्त 2024 का है, जब गणपत सिंह अचानक लापता हो गए थे। अगले दिन उनका शव गांव मांडोली के पास कच्चे रास्ते पर मिला था। शव के पास उनकी मोटरसाइकिल भी पड़ी मिली और सिर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की पुष्टि हुई थी।
इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया। यह केस पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना रहा और पुलिस पर लगातार दबाव बना रहा।
ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल (CDR) और मुखबिरों की सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की।
जांच के दौरान तीन लोगों—गजेन्द्र सिंह, वागाराम और लच्छु देवी—को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सख्ती से पूछताछ में तीनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
परिवार के आंदोलन से बढ़ा दबाव
इस हत्याकांड को लेकर मृतक के परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे थे। कलेक्ट्रेट के बाहर कई दिनों तक धरना और भूख हड़ताल भी चली। मृतक की बुजुर्ग मां और पत्नी ने आंदोलन का नेतृत्व किया, जिससे यह मामला प्रदेशभर में चर्चा में आ गया।
पुलिस पर बढ़ते जनदबाव के बीच जांच तेज की गई और आखिरकार केस का खुलासा हो सका।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर कड़ी को खंगाला जा रहा है