जालोर पहुंचे अशोक गहलोत, वीडियो में बोले- सरकार आलोचना नहीं सुन रही, धरना देने वालों को जेल भेजा जा रहा
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर जालोर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। गहलोत ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार आलोचना सहन नहीं कर पा रही है और विरोध की आवाज उठाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि राज्य में शासन व्यवस्था कमजोर होती जा रही है और सरकार जनता की समस्याएं सुनने में असफल साबित हो रही है।
"सरकार की सुनने की क्षमता खत्म हो गई"
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "आज स्थिति यह है कि सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। सरकार की सुनने की क्षमता समाप्त हो गई है। जो लोग अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें जेल भेजा जा रहा है।"उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और आलोचना को स्थान मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान सरकार असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
बालोतरा रिफाइनरी मामले पर भी उठाए सवाल
गहलोत ने हाल ही में बालोतरा रिफाइनरी में हुई घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी में हुई चूक और सुरक्षा संबंधी लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा भी रद्द करना पड़ा। गहलोत ने कहा, "यह एक बड़ी लापरवाही थी। यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी।"
खुद को बताया सबसे संतुष्ट राजनेता
राजनीतिक भविष्य और संगठन में भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर अशोक गहलोत ने कहा कि उन्हें राजनीति में जनता और पार्टी से भरपूर सम्मान मिला है।उन्होंने कहा, "राजस्थान की जनता और पार्टी नेतृत्व ने मुझे तीन बार मुख्यमंत्री बनाया, कई बार सांसद और विधायक बनने का अवसर दिया। मुझे जीवन में सब कुछ मिला है। मैं खुद को देश का सबसे संतुष्ट राजनेता मानता हूं।"
पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, स्वीकार करूंगा
गहलोत ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी पद या भूमिका की कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन उन्हें दिल्ली, जोधपुर, जालोर या किसी अन्य स्थान पर जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, वह उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।उन्होंने कहा, "मैंने कभी कोई मांग नहीं की। पार्टी जिसको मजबूत समझे और आगे बढ़ाना चाहे, उसे आगे लाए। मेरा उद्देश्य केवल संगठन और पार्टी को मजबूत करना है।"
राजनीतिक हलकों में बयान की चर्चा
अशोक गहलोत के इस बयान को राजस्थान कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने जहां राज्य सरकार पर हमला बोला, वहीं पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।जालोर दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गहलोत के ताजा बयान आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे सकते हैं।