गणतंत्र दिवस से पहले जैसलमेर में संदिग्ध जासूस हिरासत में, युवक पर ISI के लिए काम करने का शक
गणतंत्र दिवस से ठीक पहले जैसलमेर जिले में सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती बढ़ गई है। जिले के सांकड़ा थाना क्षेत्र के नेहड़ान गांव में रहने वाले युवक झाबराराम को सीआईडी इंटेलिजेंट्स की टीम ने संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, शाम 5-6 बजे के बीच टीम ने युवक को उसके घर से पकड़कर पूछताछ के लिए ले जाया।
जानकारी मिली है कि झाबराराम के खिलाफ जासूसी करने के शक के आधार पर यह कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि युवक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए संवेदनशील जानकारी इकट्ठा कर सकता था। फिलहाल, उसकी पूछताछ और जांच जारी है।
सीआईडी अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर सुरक्षा खतरे को गंभीरता से लेना आवश्यक है। झाबराराम की गतिविधियों और संपर्कों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कौन-कौन से लोगों और संस्थाओं के साथ संपर्क किया और उसके नेटवर्क का दायरा क्या था।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा से सटे इलाकों में जासूसी और संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी समय की मांग है। जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले में ऐसे मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, क्योंकि यहां से संवेदनशील जानकारी बाहर जा सकती है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इस मामले में जनता से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों और लोगों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी जानकारी को तुरंत सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा करें। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया है और गणतंत्र दिवस के अवसर पर शहर और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
सीआईडी ने यह भी कहा कि झाबराराम की गिरफ्तारी और जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पहलुओं की पूरी जांच की जाएगी और यदि युवक दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा और सतर्कता के महत्व को फिर से उजागर किया है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर इस प्रकार की सतर्कता आवश्यक है।
इस प्रकार, जैसलमेर में झाबराराम की हिरासत और संभावित ISI जासूसी मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देना कितना जरूरी है। एनसीआईडी और सीआईडी की जांच से यह पता चलेगा कि युवक ने कितनी संवेदनशील जानकारी का आदान-प्रदान किया और इसका देश की सुरक्षा पर क्या असर पड़ सकता है।
यह घटना सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सख्त कार्रवाई का उदाहरण बन गई है।