जैसलमेर में पर्यटकों पर नया ‘यात्री कर’, प्रमुख स्थलों के लिए पास अनिवार्य
राजस्थान के सुनहरी रेगिस्तान में स्थित जैसलमेर नगर परिषद ने शहर में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के लिए ‘यात्री कर’ लगाने का फैसला किया है। इस नई व्यवस्था के तहत शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को टैक्स देना होगा। अधिकारियों के अनुसार, यह नियम 12 फरवरी से लागू हो गया है।
प्रमुख स्थलों पर पास अनिवार्य
पर्यटकों के लिए सोनार किला, पटवों की हवेली, तनोट माता मंदिर और लोंगेवाला वार मेमोरियल जैसे प्रमुख दर्शनीय स्थलों पर जाने के लिए पास अनिवार्य होगा। पास ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। नगर परिषद ने बताया कि यह कदम सुरक्षा कारणों और पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
पर्यटक संख्या और आर्थिक प्रभाव
जैसलमेर शहर में प्रतिवर्ष लगभग 2.7 लाख पर्यटक आते हैं। नगर परिषद का कहना है कि ‘यात्री कर’ से मिलने वाली राशि का उपयोग शहर में पर्यटन सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई में किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इससे न केवल शहर में पर्यटक अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय प्रशासन को अतिरिक्त संसाधन भी मिलेंगे।
सुरक्षा और प्रबंधन
नगर परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा कारणों से यह नियम आवश्यक था। पिछले कुछ वर्षों में शहर में बढ़ती पर्यटक संख्या और सुरक्षा संबंधित चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया। पास प्रणाली से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल पंजीकृत और वैध वाहन ही शहर में प्रवेश कर सकें।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
पर्यटकों को पास प्राप्त करने के लिए नगर परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदन में वाहन विवरण, यात्रा तिथि और पर्यटक संख्या जैसी जानकारी भरनी होगी। पास मिलने के बाद ही शहर में प्रवेश की अनुमति होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसलमेर में पर्यटन को नियंत्रित करने के लिए यह कदम स्वागत योग्य है। इससे भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।