पोकरण में भारतीय सेना का अग्नि वर्षा युद्धाभ्यास, वीडियो में देंखे 25 देशों के डिफेंस जर्नलिस्ट्स ने देखा
पोकरण की फील्ड फायरिंग रेंज में मंगलवार को भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने विशाल अग्नि वर्षा युद्धाभ्यास का आयोजन किया। इस अभ्यास में अपाचे हेलिकॉप्टर और K-9 वज्र तोपों ने दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों को नष्ट कर दिया। वहीं बोफाेर्स ने दुश्मनों के बंकर को निशाना बनाया और ध्रुव हेलिकॉप्टर ने आसमान से रॉकेट दागकर टारगेट को भौतिक रूप से तहस-नहस किया।
विशेष रूप से इस युद्धाभ्यास में दुनिया के 25 देशों के डिफेंस जर्नलिस्ट और एक्सपर्ट मौजूद थे, जिन्होंने भारतीय सेना की सामरिक क्षमताओं का अवलोकन किया। दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों को चिन्हित करने से लेकर उन्हें नष्ट करने तक की पूरी प्रक्रिया केवल कुछ सेकंडों में पूरी की गई।
युद्धाभ्यास का मुख्य आकर्षण था ‘सेंसर-टू-शूटर’ लिंक। इस प्रणाली में टोही ड्रोन्स द्वारा तुरंत जानकारी जुटाई जाती है, जिसे वास्तविक समय में फायरिंग यूनिट को भेजा जाता है। इसके आधार पर अग्नि स्ट्राइक तत्काल की जाती है, जिससे प्रतिक्रिया समय न्यूनतम रहता है और लक्ष्य उच्च सटीकता के साथ नष्ट होता है।
अभ्यास में शामिल अपाचे हेलिकॉप्टर ने दुश्मन की गहरी बंकर संरचनाओं और ठिकानों को मार गिराया, जबकि K-9 वज्र ने मजबूत दुर्गों और वर्चुअल ठिकानों को अपने गोले से तहस-नहस किया। बोफाेर्स द्वारा किए गए टारगेट स्ट्राइक में दुश्मन के गुप्त बंकरों को निशाना बनाया गया। ध्रुव हेलिकॉप्टर ने रॉकेट दागते हुए दुश्मन की स्थिति पर तेज और निर्णायक हमला किया।
सेना अधिकारियों ने बताया कि यह युद्धाभ्यास केवल अग्नि शक्ति दिखाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें सिंक्रोनाइजेशन, कमांड एंड कंट्रोल क्षमता, और आधुनिक हथियार प्रणालियों का तालमेल भी प्रदर्शित किया गया। इसके जरिए भारतीय सेना ने यह संदेश दिया कि किसी भी प्रतिकूल परिस्थितियों में वे त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम हैं।
दुनिया भर के डिफेंस जर्नलिस्ट्स ने इस युद्धाभ्यास को सराहा और इसे आधुनिक तकनीक और सटीक रणनीति के उदाहरण के तौर पर बताया। उन्होंने कहा कि ‘सेंसर-टू-शूटर’ लिंक और मल्टी-डोमेन स्ट्राइक क्षमताओं ने भारतीय सेना की सामरिक तैयारी को उच्च स्तर पर दिखाया।
इस प्रकार का युद्धाभ्यास न केवल सैनिकों की तैयारी और तकनीकी दक्षता बढ़ाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सैन्य क्षमता को भी प्रदर्शित करता है। भारतीय सेना की यह पहल देश की सुरक्षा और आधुनिक युद्धकौशल में निरंतर सुधार का प्रतीक है।