सीमावर्ती जैसलमेर जिले की कमान महिला IAS अनुपमा जोरवाल को, प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाली
सीमावर्ती और मरुस्थलीय क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले **जैसलमेर जिले में प्रशासनिक बदलाव के तहत नई जिला कलक्टर के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी अनुपमा जोरवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति जिले के प्रशासनिक संचालन और विकास कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जैसलमेर, जो अपने विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र और रणनीतिक महत्व के लिए जाना जाता है, देश के सबसे बड़े जिलों में शामिल है। रेगिस्तानी इलाका होने के कारण यहां प्रशासनिक चुनौतियां भी अधिक रहती हैं, जिनमें पानी की उपलब्धता, सीमावर्ती सुरक्षा, दूरस्थ गांवों तक सेवाओं की पहुंच और आधारभूत ढांचे का विकास प्रमुख हैं।
नई जिला कलक्टर के रूप में अनुपमा जोरवाल की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि उनके नेतृत्व में जिले में विकास कार्यों को गति मिलेगी और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पदभार संभालने के बाद जिला प्रशासन की प्राथमिकता पेयजल व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच को मजबूत करना रहेगा। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और मूलभूत सुविधाओं के सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जैसलमेर जैसे संवेदनशील और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में प्रशासनिक नेतृत्व की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यहां विकास और सुरक्षा दोनों ही समान रूप से प्राथमिकता में रहते हैं।
नई जिला कलक्टर से स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन और जनता के बीच समन्वय और मजबूत होगा तथा विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंच सकेगा।
फिलहाल जिले में प्रशासनिक गतिविधियों को गति देने के लिए नई टीम के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है और आने वाले समय में कई नई पहल देखने को मिल सकती हैं।