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जैसलमेर में 6 से 8 मार्च तक होगा ऐतिहासिक 'चादर महोत्सव', वीडियो में देंखे देश-विदेश से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की उम्मीद

 

जैसलमेर में 6 से 8 मार्च तक ऐतिहासिक 'चादर महोत्सव' आयोजित किया जाएगा। जैन समुदाय के इस सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक समागम के लिए स्वर्णनगरी पूरी तरह सज-धज कर तैयार हो गई है। महोत्सव का शुभारंभ 6 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत करेंगे। वहीं महोत्सव के दूसरे दिन, 7 मार्च को, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आने की संभावना जताई जा रही है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में देश और विदेश से लगभग 20 से 30 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए, जैसलमेर के सभी छोटे-बड़े होटल और रिसॉर्ट पूरी तरह बुक हो चुके हैं। शहर में पहले से ही उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन और जैन समाज के संगठन ने मिलकर सभी सुरक्षा, आवास और यातायात व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के महोत्सव में शामिल हो सकें।

इस महोत्सव की खासियत यह है कि करीब 871 वर्षों के अंतराल के बाद दादा गुरुदेव श्री जिनदत्तसुरि जी की पवित्र चादर का विधिवत अभिषेक किया जाएगा। यह चादर 11वीं शताब्दी से सुरक्षित है और जैन समाज में अटूट आस्था का प्रतीक मानी जाती है।

ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, करीब 145 साल पहले जैसलमेर में फैली महामारी के दौरान इसी चादर के प्रभाव से संकट दूर हुआ था। इसलिए जैन समाज के लोग इस चादर को केवल धार्मिक वस्तु नहीं मानते, बल्कि इसे सुरक्षा, आस्था और भक्ति का प्रतीक मानते हैं।

महोत्सव के दौरान चादर का विशेष पूजन और अभिषेक किया जाएगा। इसके अलावा, महोत्सव में धार्मिक प्रवचन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। आयोजकों ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

जैसलमेर प्रशासन ने भी महोत्सव को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष इंतजाम किया है। शहर के प्रमुख मार्गों और पर्यटन स्थलों पर यातायात नियंत्रण, पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा, पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष गाइड और सहायता केंद्र भी तैयार किए गए हैं।

इस तरह, जैसलमेर का 'चादर महोत्सव' न केवल जैन धर्म और संस्कृति का महान पर्व है, बल्कि यह शहर के धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर करता है। देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालु इस महोत्सव का आध्यात्मिक अनुभव लेने के लिए उत्साहित हैं।

तीन दिवसीय इस आयोजन में भक्तजन पवित्र चादर के दर्शन और अभिषेक के अलावा जैसलमेर की इतिहास और संस्कृति का आनंद भी लेंगे। शहर में आस्था और उत्सव का भव्य वातावरण देखने को मिलेगा, जो आने वाले वर्षों के लिए भी लोगों की यादों में अमिट रहेगा।