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जयपुर में गेहूं घोटाला, वीडियो में देखें 34 दुकानें और एक ट्रांसपोर्ट फर्म ब्लैकलिस्ट, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

 

राजस्थान की राजधानी जयपुर में सामने आए गेहूं घोटाले ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 34 उचित मूल्य की दुकानों और एक ट्रांसपोर्ट कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।

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जानकारी के मुताबिक, यह मामला सरकारी गेहूं के वितरण में गड़बड़ी से जुड़ा है, जहां गरीबों को मिलने वाला राशन बीच रास्ते में ही गायब हो रहा था या फिर गलत तरीके से बेचा जा रहा था। शिकायतें मिलने के बाद संबंधित विभाग ने जांच शुरू की, जिसमें कई दुकानदारों और परिवहन से जुड़ी एजेंसी की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

जांच में सामने आया कि कुछ दुकानदारों ने रिकॉर्ड में हेराफेरी कर सरकारी गेहूं को खुले बाजार में बेच दिया, जबकि लाभार्थियों को पूरा राशन नहीं मिला। इसके अलावा परिवहन के दौरान भी अनियमितताएं सामने आईं, जिससे यह संकेत मिला कि सप्लाई चेन के कई स्तरों पर गड़बड़ी हो रही थी।

प्रशासन की कार्रवाई:
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 34 राशन दुकानों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है, जिससे अब ये दुकानें सरकारी वितरण प्रणाली में काम नहीं कर सकेंगी। इसके साथ ही एक ट्रांसपोर्ट फर्म पर भी कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से सिस्टम में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही अन्य दुकानदारों को भी स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी।

कैसे हुआ खुलासा:
सूत्रों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर लोगों की शिकायतों और राशन वितरण में लगातार हो रही गड़बड़ियों के बाद यह मामला उजागर हुआ। कई जगहों पर लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें तय मात्रा से कम गेहूं दिया जा रहा है।

इसके बाद विभाग ने रिकॉर्ड और स्टॉक का मिलान किया, जिसमें भारी अंतर सामने आया। जांच टीम ने जब गोदाम से लेकर दुकानों तक की पूरी चेन की जांच की, तो घोटाले का खुलासा हुआ।

सरकार का रुख:
राज्य सरकार और खाद्य विभाग ने साफ किया है कि गरीबों के हक पर किसी भी तरह की सेंध बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ आगे और भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी शामिल है।