राजस्थान में मौसम का कहर: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से कई जिलों में तबाही, वीडियो में जाने बिजली गिरने से एक नाबालिग की मौत
राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया है। जोधपुर, अजमेर, कोटा, भीलवाड़ा, झालावाड़, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ सहित कई इलाकों में तेज बारिश और ओले गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
भीलवाड़ा जिले के आसींद क्षेत्र में आंधी इतनी तेज रही कि एक शादी समारोह में लगे टेंट तक उड़ गए। अचानक आए मौसम परिवर्तन से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी तरह झालावाड़ के अकलेरा में शाम करीब 4:15 बजे लगभग 20 मिनट तक बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
राजसमंद जिले के बरडाया गांव से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां बकरियां चराने खेत में गए एक नाबालिग की बिजली गिरने से मौत हो गई। यह घटना ग्रामीण क्षेत्र में भारी दुख का कारण बनी हुई है। इसी दौरान पेड़ के नीचे खड़ी 16 बकरियों की भी बिजली गिरने से मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
मौसम में अचानक आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली है, लेकिन साथ ही तेज आंधी और बारिश ने कई जगह नुकसान भी पहुंचाया है।
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर ने प्रदेश के हालात को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। विभाग ने 19 जिलों में आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 8 जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।
फिलहाल पूरे राजस्थान में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है—जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर नुकसान और हादसों ने चिंता बढ़ा दी है।