वीडियो में देंखे विधानसभा में कांग्रेस विधायक के कोरोना वैक्सीन दावे पर हंगामा
विधानसभा में स्वास्थ्य अनुदान मांगों पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर के कोरोना वैक्सीन से जुड़े दावों पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। मेहर ने दावा किया कि कोरोना वैक्सीनेशन के बाद देश और प्रदेश में हार्ट अटैक के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है।
विधायक ने कहा, “20 से 30 साल के युवकों में हार्ट अटैक से मौतें हो रही हैं। लोगों में भ्रम है कि कोरोना में दो तरह की वैक्सीन लगाई गई थीं। ऐसा भी समझा जा रहा है कि कोवीशील्ड वैक्सीन लेने वालों में हार्ट अटैक की घटनाएं अधिक हो रही हैं। इस पर गंभीर रिसर्च की जरूरत है।”
घनश्याम मेहर ने अपनी बात को और आगे बढ़ाते हुए कहा, “मुझे भी वैक्सीन लगी थी, पता नहीं कौनसी। हो सकता है चुनावी चंदा लेने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड के तहत नकली वैक्सीन लगाई गई हो। आजकल 20-20 साल के युवकों में हार्ट अटैक की घटनाएं सुनने को मिल रही हैं।”
उनके इस दावे के बाद विधानसभा में सांसदों के बीच भारी हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष और सरकार के सदस्य ने उनके बयान पर सवाल उठाए और कहा कि ऐसे दावे बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाण या रिपोर्ट के गंभीर भ्रम फैला सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस मामले में कहा कि कोरोना वैक्सीन को लेकर सभी दावे वैज्ञानिक जांच और प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर ही माने जाएंगे। उन्होंने विधानसभा में स्पष्ट किया कि वैक्सीनेशन के बाद किसी भी दावे को पुष्टि करने के लिए सटीक मेडिकल डेटा और रिसर्च की आवश्यकता होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी और वैक्सीनेशन के दौरान किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी दावे पर सावधानी और प्रमाण बहुत जरूरी है। गलत जानकारी फैलने से लोगों में भ्रम और डर पैदा हो सकता है।
इस बहस के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि स्वास्थ्य और वैक्सीन से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी अक्सर बहस का रूप ले लेती है, लेकिन जनता और युवा वर्ग के लिए सटीक जानकारी और जागरूकता ही प्राथमिकता होनी चाहिए।