वसुंधरा राजे की नाराजगी से मचा हड़कंप, पेयजल संकट पर सरकार घिरी, सीएम भजनलाल ने बुलाई आपात बैठक
झालावाड़ में पेयजल संकट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की नाराजगी अब राजनीतिक भूचाल का रूप ले चुकी है। राजे की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद जयपुर से लेकर दिल्ली तक प्रशासन और सरकार में खलबली मच गई है। दो दिन बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक आपातकालीन बैठक बुलाई।
छुट्टी के दिन भी मुख्यमंत्री आवास (सीएमआर) पर अधिकारियों की भीड़ लगी रही। जलदाय विभाग (पीएचईडी) मंत्री कन्हैयालाल नागौर से सीधे सीएम हाउस पहुंचे. उनके साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) भास्कर ए सावंत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी थे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को झालावाड़ में उत्पन्न जल संकट की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार जलदाय विभाग ने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को सौंप दी है। लेकिन अब केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने भी इस मामले पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। केंद्र और राज्य सरकारें दोनों ही जल जीवन मिशन (जेजेएम) की प्रगति से असंतुष्ट हैं।
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पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हाल ही में झालावाड़ दौरे के दौरान अधिकारियों को फटकार लगाई थी और पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता को राहत उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। वसुंधरा राजे की नाराजगी और केंद्र की सख्ती के बाद राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है। अब यह देखना बाकी है कि इस संकट का समाधान कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।