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शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर अब दो पारी में खुलेंगे,फुटेज में देंखे छोटे रोगों के मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधा

 

राज्य के शहरी क्षेत्रों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन समय में बड़ा बदलाव किया गया है। अब ये स्वास्थ्य केंद्र दो पारी में खुलेंगे, जिससे खांसी, जुकाम, बुखार और अन्य सामान्य बीमारियों के मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। इस संबंध में National Health Mission (एनएचएम) ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

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एनएचएम के निदेशक Sushil Kumar Parmar ने आदेश जारी करते हुए बताया कि शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओपीडी का समय अब गर्मियों और सर्दियों के मौसम के अनुसार अलग-अलग रहेगा। यह व्यवस्था 6 मार्च से पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी।

जारी निर्देशों के अनुसार गर्मियों के सीजन यानी 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सुबह और शाम दोनों समय ओपीडी संचालित की जाएगी। इस दौरान सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5 बजे से 7 बजे तक मरीजों का उपचार किया जाएगा। इससे दिन में कामकाजी लोगों को भी शाम के समय इलाज कराने की सुविधा मिल सकेगी।

वहीं सर्दियों के मौसम यानी 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक ओपीडी का समय अलग रहेगा। इस अवधि में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 4 बजे से 6 बजे तक मरीजों का इलाज किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए यह समय तय किया गया है ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

इसके अलावा रविवार और राजकीय अवकाश के दिनों में इन स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन एक ही पारी में किया जाएगा। इन दिनों सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ओपीडी चलेगी, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल सके।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यहां खांसी, जुकाम, बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द जैसी सामान्य बीमारियों का उपचार किया जाता है। इसके साथ ही कई जगहों पर मुफ्त दवाइयां और प्राथमिक जांच की सुविधा भी दी जाती है।

दो पारी में ओपीडी शुरू होने से खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अक्सर कामकाजी लोग सुबह के समय अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन अब शाम की ओपीडी में वे आसानी से डॉक्टर को दिखा सकेंगे।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस फैसले से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर होगी। साथ ही बड़े सरकारी अस्पतालों पर भी भीड़ का दबाव कम हो सकेगा, क्योंकि सामान्य बीमारियों के मरीज पास के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ही उपचार करा सकेंगे।

फिलहाल यह नई व्यवस्था 6 मार्च से पूरे प्रदेश में लागू की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को इसके सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इस तरह के कदम आगे भी उठाए जाते रहेंगे।