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जयपुर में RTO इंस्पेक्टर से मारपीट पर बवाल, वीडियो में जाने परिवहन निरीक्षक संघ का कार्य बहिष्कार जारी; SHO के निलंबन की मांग तेज

 

राजधानी जयपुर के कानोता थाना क्षेत्र में आरटीओ इंस्पेक्टर के साथ कथित मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ का आंदोलन लगातार जारी है। संघ ने संबंधित थाना प्रभारी (SHO) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि जब तक आरोपी अधिकारी को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

ड्यूटी के दौरान मारपीट का आरोप

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पीड़ित आरटीओ इंस्पेक्टर का आरोप है कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि उन्हें थप्पड़ मारा गया और धक्का देकर गिरा दिया गया। घटना के बाद उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।इस मामले को लेकर परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

संघ ने सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें

राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ ने सरकार और प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • कानोता थाना प्रभारी मुनींद्र सिंह को तत्काल निलंबित किया जाए।
  • पीड़ित आरटीओ इंस्पेक्टर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की जाए।
  • मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए।
  • दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

संघ का कहना है कि जब तक इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

परिवहन आयुक्त से वार्ता भी रही बेनतीजा

संघ के प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। हालांकि, वार्ता में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।इसके बाद परिवहन निरीक्षक संघ ने जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना शुरू कर दिया, जो अभी भी जारी है।

कार्य बहिष्कार से प्रभावित हो सकते हैं विभागीय काम

संघ पिछले कई दिनों से कार्य बहिष्कार पर है। यदि आंदोलन लंबा खिंचता है, तो परिवहन विभाग की ई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। संघ अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।उन्होंने कहा कि यह केवल एक अधिकारी के साथ हुई घटना का मामला नहीं है, बल्कि ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर

फिलहाल इस मामले में सरकार या पुलिस विभाग की ओर से अंतिम कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। परिवहन निरीक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है और संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।