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विधानसभा में अनुदान मांगों पर बहस में हंगामा, एक्सक्लूसिव वीडियो में देंखे श्रवण कुमार को बोलने से रोका

 

राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को अनुदान मांगों पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार के बोलने की अनुमति रद्द करने के कारण जमकर हंगामा हुआ। भारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को लगभग आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।

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जानकारी के अनुसार, सभापति ने शुरुआत में श्रवण कुमार को बोलने की अनुमति दे दी। इसके बाद श्रवण कुमार अनुदान मांगों पर अपने विचार रखने लगे। इसी बीच स्पीकर वासुदेव देवनानी सदन में पहुंचे और उन्होंने श्रवण कुमार को बोलने से रोक दिया। स्पीकर ने कहा, “मैंने पहले ही आपको आज बोलने से मना किया था। आप पिछले छह दिन से लगातार बोल रहे हैं। आपको बाद में बोलने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन आज नहीं। मैं अपने आदेशों की अवहेलना सहन नहीं करूंगा।”

स्पीकर के इस आदेश के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्य भारी नाराजगी जताने लगे। उन्होंने कहा कि श्रवण कुमार को पहले ही बोलने की अनुमति दी गई थी, इसलिए उन्हें बोलने से रोकना अनुचित है। सदन में इसे लेकर कड़ा हंगामा मच गया और सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध जताने लगे।

इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही लगभग 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। स्थगन के दौरान सभापति और सदस्यों के बीच स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। अधिकारी और कर्मचारी सदन के अंदर शांति स्थापित करने में जुटे रहे।

विशेषज्ञों का कहना है कि विधानसभा में इस तरह के हंगामे आम हैं, लेकिन नियम और सभापति के आदेश का पालन करना सभी विधायकों के लिए अनिवार्य है। नियमों की अवहेलना करने वाले सदस्यों को स्पीकर के निर्देशों के अनुसार रोका जा सकता है।

इस घटना के बाद विपक्ष ने इसे सदन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के रूप में देखा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अनुदान मांगों पर बहस के दौरान बोलने का अधिकार विधायक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे से सदन में सभी सदस्यों को बराबरी और निष्पक्षता के साथ बोलने की अनुमति दी जाएगी।

कुल मिलाकर, राजस्थान विधानसभा में गुरुवार का दिन अनुदान मांगों की बहस और हंगामे के कारण चर्चाओं में रहा। सदन की कार्यवाही स्थगित होने से कई महत्वपूर्ण मुद्दों की चर्चा प्रभावित हुई। हालांकि, आगे की कार्यवाही में स्पीकर ने सदन में शांति और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।