जयपुर में बेरोजगार युवाओं का प्रदर्शन, वीडियो में देंखे पुलिस ने धरना स्थल से खदेड़ा; 7 हिरासत में लिए गए
जयपुर में ग्रेड 4th यानी ग्रुप डी भर्ती की वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार युवाओं को शुक्रवार शाम पुलिस ने शहीद स्मारक से हटा दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि धरना समाप्त कराने के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया। पुलिस ने सात युवाओं को हिरासत में लिया, जिन्हें देर रात छोड़ दिया गया।
युवाओं का कहना है कि वे लंबे समय से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती की आरक्षित सूची यानी वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, भर्ती में चयनित कई अभ्यर्थियों ने अब तक पद पर जॉइन नहीं किया है। ऐसे में खाली रह गए पदों को वेटिंग लिस्ट के जरिए भरने की मांग की जा रही है।
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले धरना
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे पुलिस शहीद स्मारक स्थित धरना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने युवाओं से धरना समाप्त कर जगह खाली करने के लिए कहा। युवाओं का आरोप है कि जब उन्होंने धरना खत्म करने से इनकार किया तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पुलिस ने लाठीचार्ज कर युवाओं को वहां से खदेड़ा। इस दौरान सात युवाओं को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, देर रात सभी को छोड़ दिया गया।प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे। उनका आरोप है कि बिना मांग पर बातचीत किए पुलिस ने धरना समाप्त कराने के लिए बल का इस्तेमाल किया।
53,749 पदों पर हुई थी भर्ती
युवाओं का कहना है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से हाल ही में 53,749 पदों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई थी। इस भर्ती में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का चयन हुआ और उन्हें नियुक्तियां भी दी गईं।प्रदर्शनकारियों के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों में से कई ने अलग-अलग कारणों से अब तक जॉइन नहीं किया है। इसके चलते बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए हैं। युवाओं का कहना है कि इन रिक्त पदों को वेटिंग लिस्ट जारी कर भरा जा सकता है।
लंबे समय से वेटिंग लिस्ट की मांग
प्रदर्शनकारी युवाओं के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद से ही वे आरक्षित सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर चयनित अभ्यर्थियों के जॉइन नहीं करने से पद खाली रह गए हैं तो वेटिंग लिस्ट में शामिल योग्य अभ्यर्थियों को मौका दिया जाना चाहिए।युवाओं का दावा है कि इससे एक ओर सरकारी विभागों में खाली पद भरे जा सकेंगे, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे बेरोजगार अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलेगा।
फिलहाल धरना समाप्त करा दिए जाने और सात युवाओं की हिरासत के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। प्रदर्शनकारी अपनी मांग को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। वहीं, वेटिंग लिस्ट जारी करने को लेकर अब युवाओं की नजर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और राज्य सरकार के अगले कदम पर है।