जयपुर के आंच हॉस्पिटल में बदलीं दो डेडबॉडी, फुटेज में देंखे परिवार ने किया हंगामा; सांसद के दखल के बाद FIR
जयपुर के दुर्गापुरा स्थित आंच हॉस्पिटल में शनिवार सुबह बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने दो मृतकों की डेडबॉडी आपस में बदलकर परिजनों को सौंप दी। एक परिवार शव लेकर घर के लिए रवाना भी हो गया। कुछ दूरी तय करने के बाद अस्पताल स्टाफ को अपनी गलती का पता चला, जिसके बाद परिवार को फोन कर वापस बुलाया गया। घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल के बाहर करीब दो घंटे तक हंगामा किया।
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने इस घटना की शिकायत पुलिस से करने की कोशिश की तो शुरुआत में उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती हुए थे दोनों मरीज
जवाहर सर्किल थानाधिकारी मुकेश चंद के अनुसार, नावां निवासी गिरधारी लाल और बानसूर निवासी घेसालाल को 17 सितंबर को दुर्गापुरा स्थित आंच हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार रात दोनों की मौत हो गई। इसके बाद शनिवार सुबह अस्पताल में दोनों शव परिजनों को सौंपे जाने थे।आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने पहचान में गलती करते हुए गिरधारी लाल का शव घेसालाल के परिवार को सौंप दिया। परिवार शव लेकर नावां के लिए रवाना हो गया। बाद में अस्पताल प्रशासन को अपनी गलती का पता चला। इसके बाद संबंधित परिवार को फोन कर वापस अस्पताल बुलाया गया और शव बदलने के लिए कहा गया।
शव बदलने की बात सुनकर भड़के परिजन
जब परिवार को पता चला कि अस्पताल ने उन्हें गलत शव सौंप दिया था तो वे नाराज हो गए। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा।परिजनों का कहना है कि शव की पहचान जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में अस्पताल की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका आरोप है कि यदि समय रहते अस्पताल को अपनी गलती का पता नहीं चलता तो गलत शव का अंतिम संस्कार भी हो सकता था।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई। जवाहर सर्किल थाना पुलिस के अनुसार, मामले में शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अस्पताल में शवों की पहचान और उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों शवों की पहचान में गलती किस स्तर पर हुई और अस्पताल स्टाफ ने शव सौंपने से पहले पहचान संबंधी औपचारिकताओं का पालन किया था या नहीं। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं। मामले की जांच के बाद ही लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।